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सुपौल के सार्थक प्राइमरी एकेडमी ने रचा इतिहास: AISSEE 2026 में 68 छात्र चयनित

 सुपौल (28 फरवरी 2026)। सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा (AISSEE) 2026 के परिणाम घोषित होने के साथ ही कोशी क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल छा गया है। सुपौल स्थित सार्थक प्राइमरी एकेडमी के 68 छात्रों ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल की है, जिससे न केवल संस्थान का नाम चमका है, बल्कि पूरे कोशी क्षेत्र की शैक्षणिक प्रतिष्ठा को भी बढ़ावा मिला है। यह सफलता संस्थान के लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन की एक और मिसाल है। इस एकेडमी ने पिछले कई वर्षों से सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा में अच्छे परिणाम दिए हैं, और 2026 का यह आंकड़ा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।



संस्थान के निदेशक राजन चमन ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सार्थक प्राइमरी एकेडमी क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता को ऊँचा उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कोशी क्षेत्र के बच्चों में बड़े शहरों के बच्चों से कम प्रतिभा नहीं है। सही मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और अनुशासन से वे देश के शीर्ष संस्थानों तक पहुँच सकते हैं और राष्ट्र की सेवा में योगदान दे सकते हैं।

शैक्षणिक निदेशक रोहित मिश्रा ने सफलता के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संस्थान में सुनियोजित अध्ययन योजना, नियमित मूल्यांकन, अनुशासित वातावरण और छात्रों की कड़ी मेहनत ने यह संभव बनाया। उनका उद्देश्य केवल परीक्षा पास कराना नहीं, बल्कि छात्रों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना भी विकसित करना है।

इस सफलता में शिक्षकों की टीम की भूमिका भी सराहनीय रही। कौशल किशोर यादव, रूपेश कुमार, उज्ज्वल आनन्द, दीपक ठाकुर, सतीश कुमार, सुमन झा, गणेश चौधरी और अजीत कुमार जैसे शिक्षकों ने छात्रों को निरंतर प्रेरणा, सही दिशा और कठिन परिश्रम से तैयार किया।

संस्थान प्रबंधन ने सभी सफल छात्रों, उनके अभिभावकों और शिक्षक टीम को बधाई दी है। साथ ही विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भी सार्थक प्राइमरी एकेडमी कोशी क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में नई उपलब्धियाँ हासिल करेगी, और यहाँ के छात्र देश के प्रतिष्ठित सैनिक स्कूलों तथा अन्य संस्थानों में चयनित होकर क्षेत्र और राष्ट्र का नाम रोशन करेंगे। यह उपलब्धि क्षेत्रीय स्तर पर प्रेरणादायक है, जो दर्शाती है कि ग्रामीण और छोटे शहरों से भी प्रतिभाशाली छात्र राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।



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