सुपौल। जिला मुख्यालय स्थित सुपौल–पिपरा मुख्य मार्ग पर जिला अतिथि गृह के समीप बुधवार को गैस उपभोक्ताओं ने गैस एजेंसी की कथित मनमानी के विरोध में सड़क जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब तीन घंटे तक सड़क जाम रहने से स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार सुबह से ही बड़ी संख्या में गैस उपभोक्ता सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी के बाहर लाइन में खड़े थे। उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी कर्मियों द्वारा बार-बार अलग-अलग बहाने बनाकर गैस वितरण में देरी की जा रही थी।
प्रदर्शन कर रहे उपभोक्ताओं में रानी झा, अनीता कुमारी, सदरुल मियां, राहुल कुमार और विनोद कुमार समेत कई लोगों ने बताया कि वे लोग सुबह करीब पांच बजे से ही गैस सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े थे। इसके बावजूद एजेंसी कर्मियों द्वारा कभी लिंक फेल तो कभी अन्य तकनीकी समस्या का हवाला देकर गैस वितरण नहीं किया गया। करीब 11 बजे यह कहकर वितरण बंद कर दिया गया कि सिस्टम का लिंक फेल हो गया है।
उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्होंने 10 दिन पहले ही गैस की बुकिंग कर दी थी, फिर भी एजेंसी द्वारा समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जाता है। लोगों का कहना है कि एजेंसी की मनमानी के कारण कई उपभोक्ताओं को ब्लैक में 1500 से 2000 रुपये तक में सिलेंडर खरीदने को मजबूर होना पड़ता है।
सड़क जाम की सूचना मिलने पर सदर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित उपभोक्ता मानने को तैयार नहीं थे। बाद में मौके पर पहुंचे सदर एसडीओ और सदर डीएसपी ने लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया और जाम समाप्त कराया।
एसडीओ ने मौके पर मौजूद लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि फिलहाल 150 गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं, जिनका वितरण आज ही किया जाएगा। वहीं शेष उपभोक्ताओं को गुरुवार को गैस उपलब्ध करा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गैस की कोई कमी नहीं है और लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं। प्रशासन की पहल के बाद लोगों ने जाम समाप्त कर दिया और आवागमन सामान्य हो सका।

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