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विभिन्न मांगों को लेकर राजस्व कर्मचारियों का धरना, डीएम के माध्यम से उपमुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन




सुपौल। बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर जिले के राजस्व कर्मचारियों ने बुधवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरना के बाद कर्मचारियों ने उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री के नाम जिला पदाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।

कर्मचारियों का कहना है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर अब तक सरकार या विभागीय स्तर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कर्मचारियों ने बताया कि राज्यभर में राजस्व कर्मचारियों द्वारा चलाया जा रहा अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश 11 मार्च को एक माह पूरा कर चुका है, इसके बावजूद सरकार की ओर से समाधान की दिशा में कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है।

राजस्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि सरकार ने राजस्व कर्मचारी के पद की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बढ़ाकर स्नातक कर दी है और नई नियमावली भी लागू कर दी है। इसके बावजूद कर्मचारियों को अब भी इंटर स्तर के लेवल-2 (1900 ग्रेड-पे) में ही रखा गया है। उन्होंने कहा कि जब योग्यता और जिम्मेदारियां बढ़ाई गई हैं तो कर्मचारियों को कम से कम लेवल-5 (2800 ग्रेड-पे) का वेतनमान दिया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों को कार्यालय में बैठकर काम करने के निर्देश तो दिए जाते हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं। कलम, कागज, पीने के पानी जैसी सामान्य आवश्यकताओं से लेकर खतियान और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए अलमारी तक की व्यवस्था कर्मचारियों को अपनी जेब से करनी पड़ती है। ऐसे में विभाग को पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त बनाना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

संघ के जिला सचिव विकास कुमार पाठक ने बताया कि राजस्व कर्मचारियों से फील्ड स्तर पर व्यापक कार्य लिया जाता है। अंचल कार्यालय से पंचायतों तक लगभग प्रतिदिन जाकर स्थल जांच करनी पड़ती है और उसी के आधार पर जांच प्रतिवेदन तैयार किया जाता है। कई पंचायतें अंचल मुख्यालय से 20 से 30 किलोमीटर दूर स्थित हैं, जिससे कर्मचारियों को नियमित रूप से लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से ईंधन या यात्रा व्यय की कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए कर्मचारियों को अपने निजी खर्च से ही वाहन और ईंधन की व्यवस्था करनी पड़ती है। इसके अलावा कई बार कर्मचारियों की पोस्टिंग उनके गृह जिले से काफी दूर कर दी जाती है। दक्षिण बिहार के कर्मचारियों को उत्तर बिहार के सुदूर क्षेत्रों में तैनात कर दिया जाता है, जहां की स्थानीय भाषा और सामाजिक परिस्थितियों को समझना भी कठिन हो जाता है।

कर्मचारियों ने सरकार से ईंधन भत्ता, आवश्यक कार्यालयी उपस्कर उपलब्ध कराने और ग्रेड-पे में वृद्धि की मांग की है। साथ ही गृह जिले में पोस्टिंग संभव नहीं होने की स्थिति में कम से कम 100 किलोमीटर के दायरे में पदस्थापन की मांग की गई, ताकि कर्मचारी समय-समय पर अपने परिवार के साथ रह सकें और बेहतर ढंग से कार्य कर सकें।

धरना में विकास कुमार पाठक, मुकेश कुमार, अजय कुमार, दीपक कुमार पासवान, मनीष कुमार, सुधीर कुमार, अभिनंदन कुमार, राहुल कुमार, रंजीत कुमार, अरविंद बैठा, उत्तम कुमार और दिलीप कुमार सहित कई कर्मचारी मौजूद थे।

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