रामलखन प्रसाद, सुपौल। नगर पंचायत निर्मली के वार्ड संख्या 4 स्थित अनुपम तक्षशिला स्कूल की आठवीं वर्षगांठ सोमवार को हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल के संस्थापक सह निदेशक सुशील कुमार साह द्वारा अतिथियों से दीप प्रज्वलित कर कराया गया।
समारोह की शुरुआत में आगत अतिथियों का मिथिला की पारंपरिक पाग एवं शॉल देकर सम्मान किया गया। इसके बाद मंचासीन वक्ताओं ने शिक्षा, संस्कार और बदलते सामाजिक परिवेश पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में केवल स्कूली शिक्षा ही नहीं, बल्कि बच्चों के आचरण, अनुशासन और सामाजिक व्यवहार पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों की संगति और उनके दैनिक व्यवहार पर नजर रखना उनका महत्वपूर्ण दायित्व है। साथ ही यह भी कहा गया कि निर्मली क्षेत्र के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर जिले और राज्य का नाम रोशन किया है, जो गर्व की बात है। जानकारी दी गई कि नगर पंचायत क्षेत्र में करीब 15 हजार छात्र-छात्राएं किराए के मकानों में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि अनुपम तक्षशिला स्कूल के कई छात्र नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल सहित अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों की प्रवेश परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर चुके हैं। वक्ताओं ने शिक्षकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में नैतिकता, संस्कृति और अनुशासन के मूल्य विकसित करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर निर्मली विधिक संघ के पूर्व अध्यक्ष रामलखन यादव ने कहा कि सोशल मीडिया और इंटरनेट के बढ़ते प्रभाव के कारण बच्चों के व्यवहार में तेजी से बदलाव आ रहा है। ऐसे में अभिभावकों और शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे बच्चों को सही और गलत के बीच अंतर समझाएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शिक्षक बच्चों को सुधारने के लिए अनुशासनात्मक कदम उठाते हैं, तो अभिभावकों को उसका विरोध नहीं करना चाहिए, बल्कि सहयोग करना चाहिए।
कार्यक्रम में बुद्धिजीवी रामविलास साहू, डॉ. विनीत शेखर, अधिवक्ता विजय कुमार साहू, मुकेश कुमार नाहर सहित कई शिक्षाविद और अभिभावक उपस्थित रहे। सभी ने शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों के महत्व पर जोर दिया।
समारोह में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक और स्कूल परिवार के सदस्य मौजूद रहे, जिससे पूरा परिसर उत्साह और ऊर्जा से भर गया।


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