निर्मली (सुपौल) । कोसी प्रमंडल के निर्मली अनुमंडल का 36वां स्थापना दिवस बुधवार को स्थानीय स्तर पर भव्य समारोह के साथ मनाया गया। अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति के कोसी प्रमंडलीय अध्यक्ष सह निर्मली विधिक संघ के पूर्व अध्यक्ष रामलखन प्रसाद यादव के नेतृत्व में ओम श्री साईं पब्लिक स्कूल के प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम में अनुमंडल के विकास, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस अवसर पर आयोजन समिति की ओर से तैयार की गई
चार पृष्ठों की आकर्षक स्मारिका का विमोचन किया गया। स्मारिका में निर्मली और
मरौना दोनों प्रखंडों के इतिहास, उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों
एवं प्रबुद्ध नागरिकों के विचारों को प्रमुखता दी गई है।
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि
01 अप्रैल 1991 को तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद
यादव द्वारा निर्मली अनुमंडल की स्थापना कोसी नदी के पूर्वी तट पर बसे क्षेत्र की
जनता को सहरसा और सुपौल मुख्यालय आने-जाने की असुविधा दूर करने के उद्देश्य से की
गई थी। उन्होंने निर्मली अनुमंडल के ऐतिहासिक, सामाजिक और
प्रशासनिक विकास पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि स्थापना दिवस केवल
उत्सव का दिन नहीं, बल्कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और
जनसेवा के प्रति संकल्प को नवीनीकृत करने का अवसर भी है।
उपस्थित लोगों ने याद दिलाया कि पहले इस
अनुमंडल में अधिकारी-कर्मियों का पदस्थापन ‘काला पानी’
जैसी सजा माना जाता था, लेकिन आज पावर ग्रिड,
बेहतर अनुमंडल कार्यालय भवन, अनुमंडलीय
अस्पताल, एएनएम एवं आईटीआई प्रशिक्षण केंद्र, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेल लाइन, शिक्षा संस्थानों की भरपूर उपलब्धता, नदियों पर बने
आरसीसी पुलों और राजधानी से सीधे सड़क-रेल संपर्क के कारण यह क्षेत्र विकास की नई
ऊंचाइयों को छू रहा है। व्यावसायिक क्षेत्र में भी बहुमुखी प्रगति हुई है।
10 प्रमुख मांगें
अध्यक्षता कर रहे अधिवक्ता रामलखन प्रसाद यादव
ने स्मारिका के माध्यम से अनुमंडल के विकास के लिए 10
प्रमुख मांगें उठाईं। इनमें मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना शामिल
है। उन्होंने कहा कि इस बार जल्दबाजी में आयोजित समारोह में कुछ त्रुटियां रह गई
हैं, जिन्हें अगले वर्ष और वृहद स्तर पर दूर किया जाएगा।
समारोह में अनुमंडल प्रशासन की ओर से व्यस्तता
के कारण मोबाइल फोन के माध्यम से सफलता के लिए शुभ कामना व्यक्त की गई। अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से पूरा
माहौल उत्साहपूर्ण रहा। उपस्थित जनता ने अनुमंडल स्थापना के बाद पहली बार मनाए जा
रहे इस वर्षगांठ पर प्रसन्नचित मुद्रा में अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के
दौरान सभी ने क्षेत्र के विकास में योगदान देने वालों को याद किया और भविष्य में
मिलकर काम करने का संकल्प लिया।



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