सुपौल। त्रिवेणीगंज अनुमंडल मुख्यालय स्थित सभागार में गुरुवार को बाल विवाह की रोकथाम को लेकर अनुमंडल स्तरीय एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम Abhishek Kumar ने की। बाल विवाह जैसी गंभीर सामाजिक कुरीति पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से आयोजित इस बैठक को लेकर पूर्व में ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए थे।
निर्देशानुसार अनुमंडल क्षेत्र के सभी बीडीओ, सीओ, सीडीपीओ, थानाध्यक्ष, महिला पर्यवेक्षिका, सेविका, मुखिया तथा होटल व विवाह भवन संचालकों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने को कहा गया था। हालांकि, बैठक शुरू होते ही व्यवस्था की हकीकत सामने आ गई और कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी अनुपस्थित पाए गए।
बैठक में त्रिवेणीगंज के बीडीओ Mohammad Sadrul Hasan, सीडीपीओ Rajni Gupta तथा छातापुर के एक पुलिस पदाधिकारी ही उपस्थित रहे। वहीं स्वास्थ्य विभाग, विभिन्न थाना क्षेत्रों, सीओ, बीडीओ, सीडब्लूपीओ सदस्य एवं कई जनप्रतिनिधि बैठक से नदारद रहे, जिससे प्रशासनिक गंभीरता पर सवाल खड़े हो गए।
इसके बावजूद आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं और सेविकाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने पर जोर दिया। बैठक को संबोधित करते हुए एसडीएम Abhishek Kumar ने कहा कि बाल विवाह रोकथाम के लिए सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी सभी संबंधितों को दी गई है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।
बीडीओ Mohammad Sadrul Hasan ने कहा कि बाल विवाह रोकथाम एक निरंतर प्रक्रिया है, जिसे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण से समाप्त किया जा सकता है। वहीं सीडीपीओ Rajni Gupta ने कहा कि सूचना मिलने पर जनप्रतिनिधियों के सहयोग से बाल विवाह को रोका जाए और सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
बैठक में होटल संचालक फेकू यादव, महिला पर्यवेक्षिका ब्यूटी कुमारी, नीलम कुमारी, संगीता सिन्हा सहित त्रिवेणीगंज और छातापुर प्रखंड की सेविकाएं एवं अन्य कर्मी मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि यह बैठक Bihar State Commission for Protection of Child Rights के निर्देश एवं जिला पदाधिकारी के आदेश के आलोक में आयोजित की गई थी। इसके बावजूद कई अधिकारियों की अनुपस्थिति ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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