सुपौल। निर्मली अंचल परिसर में शनिवार को भूमि विवादों के त्वरित निपटारे के उद्देश्य से जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार की अध्यक्षता राजस्व अधिकारी शाहिना बेगम ने की।
इस दौरान सियावर मंडल सहित अंचल के कई कर्मचारी मौजूद रहे और मामलों की सुनवाई में सक्रिय भूमिका निभाई। जनता दरबार में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे।
राजस्व अधिकारी ने बताया कि कुल 15 भूमि विवाद से जुड़े मामले लंबित थे, जिनमें से 10 मामलों की सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यानपूर्वक सुना गया और संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई।
उन्होंने बताया कि आपसी सहमति के आधार पर एक मामले का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया, जिससे संबंधित पक्षों को त्वरित राहत मिली। वहीं, अन्य मामलों में आवश्यक दस्तावेजों की कमी एवं कुछ पक्षकारों की अनुपस्थिति के कारण निर्णय नहीं लिया जा सका। ऐसे मामलों को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
राजस्व अधिकारी ने कहा कि जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य लोगों को जमीन से जुड़े विवादों का त्वरित एवं निष्पक्ष समाधान उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें न्यायालय के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने सभी पक्षकारों से अगली सुनवाई में आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने की अपील की

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