सुपौल। जिले के कोरियापट्टी गांव में करीब 150 वर्ष से अधिक पुरानी दुर्लभ हस्तलिखित श्री दुर्गा सप्तशती पांडुलिपि मिलने से क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। यह ऐतिहासिक खोज क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को उजागर करती है।
बताया गया कि यह महत्वपूर्ण पांडुलिपि श्री रविशेखर सिंह के विशेष सहयोग एवं श्री जवाहर मिश्रा के संरक्षण में प्राप्त हुई है। इसकी खास बात यह है कि कोरियापट्टी दुर्गा पूजा महोत्सव में पिछले डेढ़ सौ वर्षों से इसी हस्तलिखित श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ करने की परंपरा चली आ रही है।
इस दुर्लभ पांडुलिपि के सामने आने के बाद जिला प्रशासन एवं कला एवं संस्कृति विभाग ने जिले की प्राचीन धरोहरों के संरक्षण को लेकर “पांडुलिपि खोज अभियान” तेज कर दिया है। प्रशासन का उद्देश्य सुपौल की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित कर उसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना है।
जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि यदि उनके पास या जानकारी में कोई प्राचीन पांडुलिपि, ऐतिहासिक दस्तावेज या सांस्कृतिक धरोहर मौजूद हो, तो उसे संरक्षित करने के लिए आगे आएं। अधिकारियों ने कहा कि अभियान के समापन में अब कुछ ही दिन शेष हैं, इसलिए लोग जल्द से जल्द अपनी जानकारी साझा करें।
इस संबंध में जिला कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा संपर्क के लिए मोबाइल नंबर 8092281780 जारी किया गया है। विभाग ने लोगों से अपनी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के इस अभियान में सहभागी बनने की अपील की है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी ऐतिहासिक जड़ों से जुड़ी रह सकें।


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