सुपौल। कोसी क्षेत्र में हर वर्ष की तरह इस बार भी 1 जून से बाढ़ अवधि की शुरुआत होने जा रही है। इसे लेकर प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जेएफसीसी (जॉइंट फ्लड कोऑर्डिनेशन कमिटी) के उच्च स्तरीय अधिकारियों की टीम ने कोसी योजना के बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण विभाग के चीफ इंजीनियर तथा नेपाल के अधिकारियों के साथ वर्ष 2025-26 में कराए गए बाढ़ पूर्व कटाव निरोधक कार्यों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने हाई लेवल कमिटी द्वारा अनुशंसित लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से कराए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। जानकारी के अनुसार नेपाल क्षेत्र में 29 और भारतीय क्षेत्र में 21, कुल 50 चिन्हित स्थलों पर तटबंधों एवं स्परों की सुरक्षा से जुड़े कार्य किए गए हैं। अधिकारियों ने निरीक्षण के बाद कार्यों पर संतोष जताया।
टीम ने नेपाल प्रभाग के 26.44 किलोमीटर क्षेत्र में बने स्परों समेत कई स्थानों पर कराए गए परकोपाइन कार्यों का भी जायजा लिया। इसके बाद अधिकारियों की टीम नेपाल प्रभाग के कोसी पूर्वी बाहोत्थान बांध का निरीक्षण करते हुए कोसी बराज पहुंची।
कोसी बराज पहुंचकर अधिकारियों ने बराज के सभी 56 गेटों के संचालन, उनकी वर्तमान स्थिति तथा बाढ़ के समय अपनाई जाने वाली तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद लगभग 3.04 करोड़ रुपये की लागत से बने सेंट्रल पायलट चैनल का मोटर बोट से निरीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि 28 नंबर फाटक के सामने निर्मित सेंट्रल पायलट चैनल पूरी तरह कार्यरत है। इससे नदी के बीच जमा सिल्ट कटकर समाप्त हो रहा है। वर्तमान में पूरी जलधारा को इसी चैनल में प्रवाहित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बाढ़ अवधि से पहले कोसी नदी की मुख्य धारा नदी के मध्य भाग में बह सके और पूर्वी कोसी तटबंध, स्पर तथा स्टड पर बढ़ते जलस्तर का दबाव कम किया जा सके।
निरीक्षण के बाद कोसी बराज के कंट्रोल रूम में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय जल बोर्ड, विद्युत अनुसंधान संस्थान पुणे के वैज्ञानिकों, बिहार सरकार के अभियंताओं तथा नेपाल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान गेटों के ऑपरेटिंग सिस्टम और तकनीकी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई।
बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण के चीफ इंजीनियर संजीव शैलेश ने बताया कि यह संयुक्त समीक्षा बैठक प्रत्येक वर्ष आयोजित की जाती है, जिसमें केंद्र सरकार, बिहार सरकार, पुणे एवं नेपाल के अधिकारी शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि तटबंधों के मजबूतीकरण और सुरक्षा से जुड़े अधिकांश कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं तथा बाढ़ अवधि शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी, ताकि संभावित खतरे को कम किया जा सके।
बैठक का मुख्य उद्देश्य कोसी बराज के गेटों के संचालन, तकनीकी व्यवस्था और बाढ़ के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं पर चर्चा कर समय रहते समाधान सुनिश्चित करना है।

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