सुपौल। ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बुधवार को राघोपुर प्रखंड क्षेत्र के मेडिकल दुकानदारों ने 24 घंटे की सांकेतिक हड़ताल की। हड़ताल के दौरान सिमराही, गनपतगंज समेत आसपास के अधिकांश बाजारों की मेडिकल दुकानें बंद रहीं, जिससे दवा खरीदने पहुंचे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि आम लोगों की सुविधा एवं आपातकालीन जरूरतों को देखते हुए आपसी सहमति से सिमराही अस्पताल के सामने स्थित नेशनल फार्मा को खुला रखा गया, ताकि इमरजेंसी स्थिति में मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। वहीं गनपतगंज क्षेत्र में भी अस्पताल के समीप एक मेडिकल दुकान को जरूरतमंदों के लिए चालू रखा गया।
ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर आयोजित इस हड़ताल को लेकर मेडिकल एसोसिएशन राघोपुर के अध्यक्ष बिन्दा प्रसाद गुप्ता ने बताया कि ऑनलाइन दवा बिक्री के बढ़ते कारोबार के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की बिक्री बढ़ने से नकली दवाओं के प्रसार का खतरा बढ़ गया है, जिससे मरीजों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
मेडिकल दुकानदारों ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने एवं ‘कोविड जीएसआर 220’ को वापस लेने की मांग की। उनका कहना था कि पारंपरिक मेडिकल व्यवसाय और मरीजों के हितों की सुरक्षा के लिए यह कदम आवश्यक है।
हड़ताल के कारण पूरे दिन कई लोग दवा के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। हालांकि इमरजेंसी सेवाओं के लिए कुछ दुकानों को खुला रखने से गंभीर मरीजों को राहत मिली।

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