सुपौल। निर्मली प्रखंड अंतर्गत पंचायत सरकार भवन, मझारी में रविवार को "पंचायत विकास दिवस" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार मानवाधिकार आयोग, पटना की सचिव-सह-सुपौल जिला की प्रभारी सचिव सीमा त्रिपाठी एवं जिलाधिकारी सावन कुमार सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायत स्तर पर संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा करना, ग्रामीणों की समस्याओं एवं सुझावों को सुनना तथा जनभागीदारी के माध्यम से पंचायत के सर्वांगीण विकास को गति देना था। ग्राम सभा के सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए पंचायत के विकास कार्यों और आगामी योजनाओं पर अपने सुझाव भी रखे।
बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), हर घर नल का जल योजना, स्वच्छ भारत मिशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कृषि से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों (LSDGs) की चयनित थीमों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
इस दौरान LSDG थीम-9 "महिला हितैषी पंचायत" पर विशेष जोर दिया गया। महिलाओं एवं बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण, निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका संवर्धन के उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट पंचायतों द्वारा किए गए विकास कार्यों का वीडियो प्रदर्शन भी किया गया, जिससे अन्य पंचायतों को प्रेरणा मिल सके। वहीं, प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" के सीधे प्रसारण की व्यवस्था की गई, जिसे उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से सुना।
इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि पंचायत विकास दिवस जैसे कार्यक्रम ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रभावी निगरानी, जनसहभागिता बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर विकास की गति तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कोई टिप्पणी नहीं