सुपौल। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार पटना के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), सुपौल की ओर से मंगलवार को बसबिट्टी पंचायत भवन स्थित जीविका केंद्र में नशा मुक्ति एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जीविका के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल के सचिव मो. अफजल आलम ने कहा कि नशे की लत केवल कमजोर इच्छाशक्ति का परिणाम नहीं, बल्कि मानसिक एवं शारीरिक निर्भरता की गंभीर स्थिति है। लगातार किसी मादक पदार्थ के सेवन से व्यक्ति उस पर निर्भर हो जाता है और उसके बिना सामान्य जीवन जीना कठिन हो जाता है।
उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थों का अत्यधिक सेवन (ओवरडोज), विभिन्न मादक पदार्थों का गलत संयोजन अथवा गंभीर एलर्जी जैसी स्थितियां जानलेवा साबित हो सकती हैं। इसलिए युवाओं और आम लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है।
सचिव ने कहा कि स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर लगातार नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को मादक पदार्थों के सेवन से बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि नशा पीड़ित व्यक्तियों एवं उनके परिवारों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।
उन्होंने कहा कि नशे की लत से प्रभावित लोगों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए उन्हें डी-एडिक्शन (नशा मुक्ति) केंद्रों से जोड़ा जाता है। साथ ही आवश्यक परामर्श एवं पुनर्वास सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। अधिक जानकारी या सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 19100 अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल से संपर्क किया जा सकता है।

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