सुपौल। जनगणना 2027 की तैयारियों के तहत जिला परिषद सभागार में सोमवार को जिला जनगणना हस्त पुस्तिका (District Census Handbook-DCHB) के लिए आंकड़ा संग्रहण हेतु चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी सावन कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
यह प्रशिक्षण 20 से 23 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसमें सभी चार्ज जनगणना अधिकारियों द्वारा नामित क्षेत्रीय पदाधिकारियों, शिक्षकों, पंचायत सचिवों, कार्यपालक सहायकों, आवास सुपरवाइजरों, राजस्व कर्मचारियों एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। पहले दिन बसंतपुर, मरौना और प्रतापगंज प्रखंड के क्षेत्रीय पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को राजस्व ग्राम एवं नगर निकायों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं एवं संसाधनों, जैसे बिजली, सड़क, स्वास्थ्य केंद्र, विद्यालय, बैंकिंग सेवाएं, पेयजल, आंगनबाड़ी केंद्र, कृषि सहित अन्य विकासात्मक जानकारियों का सर्वेक्षण कर DCHB ऐप पर ऑनलाइन प्रविष्टि करने की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस अवसर पर जिलाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि जनगणना के आंकड़े देश की विकास योजनाओं और प्रशासनिक निर्णयों की आधारशिला होते हैं। इसलिए सभी कर्मी प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और निर्धारित मानकों के अनुरूप सटीक, विश्वसनीय एवं समयबद्ध तरीके से आंकड़ों का संग्रहण एवं ऑनलाइन प्रविष्टि सुनिश्चित करें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, निदेशक एनईपी, डीआरडीए, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, मरौना के प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे। प्रशिक्षण जनगणना निदेशालय, बिहार, पटना के प्रशिक्षकों द्वारा दिया जा रहा है।
गौरतलब है कि जिला जनगणना हस्त पुस्तिका (DCHB) के लिए क्षेत्रीय स्तर पर आंकड़ा संग्रहण का कार्य 1 अगस्त से 30 अगस्त 2026 तक संचालित किया जाएगा। यह कार्य जनगणना 2027 के सफल एवं सटीक संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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