सुपौल। केंद्र एवं राज्य सरकार के 'टीबी मुक्त भारत' अभियान के तहत चल रहे 100 दिवसीय विशेष अभियान में त्रिवेणीगंज प्रखंड में टीबी स्क्रीनिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रखंड के 40 स्वास्थ्य संस्थानों के साथ-साथ आरबीएसके टीम, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, जीविका दीदी एवं आंगनबाड़ी सेविकाएं घर-घर जाकर लोगों की टीबी जांच (स्क्रीनिंग) कर रही हैं। बीते 4 जुलाई से अभियान को और अधिक गति दी गई है।
स्क्रीनिंग के दौरान जिन लोगों में टीबी के लक्षण मिल रहे हैं, उन्हें आगे की जांच के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेजा जा रहा है। वहां मरीजों का चेस्ट एक्स-रे और स्पुटम (बलगम) परीक्षण किया जा रहा है। वहीं, जो मरीज स्वास्थ्य केंद्र तक आने में असमर्थ हैं, उनका स्पुटम नमूना उप स्वास्थ्य केंद्र पर ही एकत्र कर कुरियर के माध्यम से अनुमंडलीय अस्पताल भेजा जा रहा है, ताकि समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित हो सके।
अस्पताल प्रबंधक एस. अदीब अहमद ने बताया कि प्रखंड में 80 हजार लोगों की टीबी स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 42 हजार लोगों की जांच पूरी हो चुकी है। जांच के दौरान 11 नए टीबी मरीज चिन्हित हुए हैं, जिनका उपचार तत्काल शुरू कर दिया गया है। साथ ही सरकार की ओर से मिलने वाली 3,000 रुपये की पोषण सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि अब तक 103 टीबी मरीजों के लिए पोषण सहायता राशि की भुगतान प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इसके अलावा करीब 1,200 लोगों का चेस्ट एक्स-रे तथा 1,150 लोगों की ट्रूनेट (TrueNat) जांच कराई गई है।
अस्पताल प्रबंधक ने बताया कि यह विशेष अभियान 31 जुलाई तक चलेगा। आवश्यकता पड़ने पर इसकी अवधि बढ़ाई भी जा सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, लगातार बुखार, वजन कम होना या रात में अत्यधिक पसीना आने जैसी समस्या हो तो वे बिना देर किए अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचकर निःशुल्क टीबी जांच अवश्य कराएं।

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