सुपौल। मुख्यमंत्री बिहार ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी 551 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालयों) का एक साथ उद्घाटन किया। इस ऐतिहासिक पहल के तहत सुपौल जिले के 11 विद्यालयों को भी सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के रूप में विकसित कर उनका विधिवत उद्घाटन किया गया।
जिले के प्रतापगंज, राघोपुर, बसंतपुर, मरौना, निर्मली, किशनपुर, पिपरा, सरायगढ़-भपटियाही, छातापुर, त्रिवेणीगंज और सुपौल प्रखंड स्थित चयनित विद्यालयों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की मौजूदगी में कार्यक्रम आयोजित हुआ। सभी विद्यालयों में मुख्यमंत्री के उद्घाटन कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया।
जिला मुख्यालय स्थित सुपौल उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के संबोधन का लाइव प्रसारण विद्यालय सभागार में देखा गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ, शिक्षक, अभिभावक एवं गणमान्य लोग शामिल हुए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी सावन कुमार, उप विकास आयुक्त इंद्रवीर कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (सर्व शिक्षा अभियान) मणिभूषण कुमार, नगर परिषद सुपौल के चेयरमैन राघवेंद्र झा, जद(यू) जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव, जनप्रतिनिधि युगल किशोर अग्रवाल, हरेकांत झा सहित विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएँ, छात्र-छात्राएँ, अभिभावक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
सुपौल जिले के उद्घाटित 11 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय), पब्लिक उच्च विद्यालय, प्रतापगंज, उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, हुलास (राघोपुर), राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, वीरपुर (बसंतपुर), परियोजना बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, बेलही (मरौना), उच्च माध्यमिक विद्यालय, निर्मली, उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, फुलवरिया (किशनपुर), चतुरी उच्च माध्यमिक विद्यालय, महेशपुर (पिपरा), जनता फागु मेहता उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय (सरायगढ़-भपटियाही), सुरपतसिंह उच्च माध्यमिक विद्यालय, सुरपतगंज (छातापुर), उच्च माध्यमिक विद्यालय, त्रिवेणीगंज, उच्च माध्यमिक विद्यालय, सुपौल शामिल है।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य चयनित विद्यालयों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्मार्ट कक्षाओं तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण से सुसज्जित कर राज्य के आदर्श विद्यालयों के रूप में विकसित करना है। उद्घाटन के साथ ही जिले के इन विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


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