सुपौल। जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में 16 जुलाई को समाहरणालय में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी अंचलाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं संबंधित शाखाओं के पदाधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-नापी, बसेरा योजना, रेवेन्यू सहयोग (RTMS) सहित विभिन्न सेवाओं की अंचलवार प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि 16 जुलाई 2026 तक जिले में दाखिल-खारिज के 9,887 मामलों में से केवल 5,425 मामलों का निष्पादन हुआ है, जबकि 4,462 मामले लंबित हैं। जिले का निष्पादन प्रतिशत 54.87% रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई।
किशनपुर (43.51%), त्रिवेणीगंज (48.25%), सुपौल (51.22%), पिपरा (53.11%) और बसंतपुर (53.19%) का प्रदर्शन सबसे कमजोर पाया गया। डीएम ने इन अंचलों के अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर 35 दिनों से अधिक लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने तथा 75 और 120 दिनों से अधिक पुराने मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
समीक्षा में 886 आवेदन समय-सीमा से बाहर लंबित पाए गए। इनमें त्रिवेणीगंज, किशनपुर, सुपौल और पिपरा में सबसे अधिक लंबित आवेदन मिले। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी अंचलाधिकारी प्रतिदिन ऐसे मामलों की समीक्षा करें और भविष्य में समय-सीमा पार होने पर संबंधित पदाधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
परिमार्जन प्लस योजना के 21,201 मामलों में से 8,159 मामले अभी भी लंबित हैं। वहीं लेफ्ट आउट जमाबंदी के 4,979 मामलों में 2,725 मामले लंबित पाए गए। डीएम ने सुपौल, छातापुर, त्रिवेणीगंज और किशनपुर में विशेष अभियान चलाकर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया।
ई-नापी में जिले का निष्पादन प्रतिशत 71.37 प्रतिशत पाया गया, जबकि त्रिवेणीगंज, निर्मली और किशनपुर का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। बसेरा योजना के तहत 1,778 सर्वेक्षणों के मुकाबले केवल 588 पर्चे अपलोड किए गए हैं। जिलाधिकारी ने पात्र लाभुकों को शीघ्र भूमि आवंटित कर पर्चा वितरण पूरा करने का निर्देश दिया।
वहीं रेवेन्यू सहयोग (RTMS) में जिले का निष्पादन प्रतिशत 91 प्रतिशत रहा, लेकिन जहां लंबित आवेदन अधिक हैं वहां विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए।
बैठक में जनता दरबार, आयुक्त कार्यालय, CPGRAMS, मुख्यमंत्री ई-डैशबोर्ड एवं अन्य शिकायत पोर्टलों पर लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। साथ ही जिले में लंबित 41 न्यायालयीन वादों में समय पर शपथपत्र और प्रतिवाद दाखिल करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी सावन कुमार ने स्पष्ट कहा कि राजस्व सेवाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता, उदासीनता या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सभी अंचलाधिकारियों को प्रतिदिन लंबित मामलों की समीक्षा कर अगली बैठक में ठोस प्रगति प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।


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