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राजस्व सेवाओं की समीक्षा बैठक में डीएम सख्त, लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का दिया निर्देश





सुपौल। समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में जिले के सभी अंचलों में संचालित राजस्व सेवाओं एवं विशेष अभियानों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-नापी, बासगीत पर्चा, भूमि कब्जा प्रमाण-पत्र, राजस्व महाअभियान, जन शिकायत एवं राजस्व वसूली समेत विभिन्न योजनाओं की अंचलवार प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में समीक्षा के दौरान बताया गया कि 1 अप्रैल से 31 जुलाई 2026 तक जिले में 62,336 दाखिल-खारिज आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 46,290 मामलों का निष्पादन किया गया। 2,776 आवेदन त्रुटि सुधार के लिए वापस किए गए, जबकि 5,688 आवेदन विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं। इस अवधि में स्वीकृति दर लगभग 74 प्रतिशत रही। जिलाधिकारी ने समय-सीमा से अधिक लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने तथा अनावश्यक विलंब के लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया।

अचल दाखिल-खारिज वादों की समीक्षा में जिले के 11,528 वादों में से 7,262 मामलों के निष्पादन की जानकारी दी गई, जिससे जिले का औसत निष्पादन प्रतिशत 62.99 प्रतिशत रहा। डीएम ने 35, 75 और 120 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों पर नाराजगी जताते हुए सभी अंचल अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर इनका शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

परिमार्जन प्लस योजना के तहत डिजिटाइज्ड जमाबंदी में त्रुटि सुधार के 23,043 मामलों में से 15,955 मामलों का निष्पादन किया गया, जबकि छूटी हुई जमाबंदी जोड़ने के 5,342 मामलों में से 2,886 मामलों का निस्तारण हुआ। जिलाधिकारी ने शेष मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए अभियान तेज करने को कहा।

ई-नापी सेवा की समीक्षा में बताया गया कि जिले में 20,891 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 20,248 आवेदन स्वीकार किए गए। 15,702 मामलों में भुगतान अनुरोध भेजा गया तथा 11,604 मामलों में स्वीकृत मापी प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया। डीएम ने भुगतान एवं मापी से जुड़े लंबित मामलों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

बासगीत पर्चा अभियान के तहत 1,785 सर्वेक्षणों के विरुद्ध 685 लाभुकों को भूमि आवंटित की गई, जो लगभग 38.38 प्रतिशत उपलब्धि है। वहीं भूमि कब्जा प्रमाण-पत्र के 50,093 मामलों में से 50,060 मामलों का निष्पादन कर जिले ने 99.93 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की, जिस पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया।

राजस्व महाअभियान की समीक्षा में बताया गया कि 1,95,578 अभिलेखों में से 1,94,803 अभिलेखों की स्कैनिंग एवं डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में राजस्व वसूली की भी समीक्षा की गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिले का लक्ष्य 21 करोड़ रुपये निर्धारित है। 31 जुलाई तक लगभग 1.60 करोड़ रुपये की वसूली की गई तथा 47,379 राजस्व लेन-देन संपन्न हुए। जिलाधिकारी ने वसूली में तेजी लाकर लक्ष्य समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।

जन शिकायत पोर्टल पर लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए डीएम ने सभी शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में उन्होंने कहा कि सभी राजस्व सेवाओं में निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाए। लंबित मामलों की नियमित समीक्षा होगी और संतोषजनक प्रगति नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

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