सुपौल। गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत सोमवार को गौ संरक्षण से जुड़े कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी सावन कुमार को आठ सूत्री मांग पत्र सौंपकर देश में गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि गौवंश की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है और इसके संरक्षण के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारों को समन्वित नीति बनाकर शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए।
सौंपे गए ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद-48 के अनुरूप केंद्रीय गौवंश संरक्षण अधिनियम लागू करने तथा स्वतंत्र केंद्रीय गौ सेवा मंत्रालय के गठन की मांग की गई। इसके साथ ही देशभर में संचालित गौवधशालाओं के लाइसेंस निरस्त करने और अवैध कसाईखानों पर कठोर कार्रवाई के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने का आग्रह किया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने देशी गौवंश को "राष्ट्रमाता" अथवा "राष्ट्र आराध्या" के रूप में संवैधानिक मान्यता देने, गौ तस्करी एवं गौवध को संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध घोषित कर दोषियों को आजीवन कारावास तथा उनकी संपत्ति कुर्क करने की भी मांग उठाई।
ज्ञापन में गौ आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यकर्ताओं ने पंचगव्य अनुसंधान को प्रोत्साहन देने, प्राकृतिक खेती में इसके उपयोग को सरकारी खरीद प्रणाली से जोड़ने तथा विद्यालयों के मध्याह्न भोजन और मंदिरों के प्रसाद में केवल देशी गाय के घी एवं दूध के उपयोग को अनिवार्य बनाने की मांग की।
इसके अलावा प्रत्येक ग्राम पंचायत में नंदीशाला, प्रत्येक जिले में आदर्श गौ अभ्यारण्य एवं वृहद गौशाला की स्थापना, राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियमित अंतराल पर गौ एम्बुलेंस एवं आधुनिक ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्था, स्कूली पाठ्यक्रम में गौ-विज्ञान को शामिल करने तथा चारा सुरक्षा कानून बनाकर गौचर भूमि के संरक्षण की भी मांग की गई।
इस अवसर पर गौ संरक्षण अभियान के जिला प्रभारी नलिन जायसवाल, संभाग प्रभारी संतोष कुमार सुधांशु, अशोक सम्राट, श्रवण चौधरी, चंद्रशेखर झा, रमन शरण दास, रूबी जायसवाल, मोहन जायसवाल, राधेश्याम साहू, नंदिनी कुमारी, मुन्नी देवी, पिंकी देवी, मंजूषा कुमारी सहित बड़ी संख्या में गौ प्रेमी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि उनकी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर केंद्र एवं राज्य सरकार तक भेजा जाए।

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