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बाल विवाह के खिलाफ सुपौल में जागरूकता की अलख, पांच दिवसीय नुक्कड़ नाटक अभियान शुरू



सुपौल। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने और बच्चों के सुरक्षित, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य के प्रति समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से जिले में शुक्रवार से पांच दिवसीय ‘बाल विवाह मुक्त’ अभियान शुरू किया गया। जीविका एवं सेंटर फॉर कैटेलाइजिंग चेंज (C3) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह अभियान 21 से 25 अगस्त तक जिले के चयनित 15 सामुदायिक संगठनों में चलाया जाएगा।

अभियान की शुरुआत जीविका सुपौल के जिला परियोजना प्रबंधक दीपक कुमार, C3 के क्षेत्रीय समन्वयक शेखर एवं राज प्रतिनिधि कमलेश राज ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर नुक्कड़ नाटक टीम को रवाना कर की। नुक्कड़ नाटक के कलाकारों ने वास्तविक जीवन से जुड़े प्रसंगों के जरिए कम उम्र में विवाह से होने वाले सामाजिक, स्वास्थ्य, शैक्षणिक एवं आर्थिक नुकसान को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया।

अभियान के पहले दिन बसंतपुर प्रखंड के संगम, पंचमुखी एवं जीवन ज्योति संकुल स्तरीय संघों में क्रमशः सुबह 10 बजे, दोपहर एक बजे एवं अपराह्न तीन बजे नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। वहीं 22 अगस्त को पिपरा, 23 अगस्त को मरौना, 24 अगस्त को त्रिवेणीगंज तथा 25 अगस्त को किशनपुर प्रखंड में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

अभियान के दौरान किशोर-किशोरियों, अभिभावकों, जीविका दीदियों एवं स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। लोगों को बताया जा रहा है कि बाल विवाह को रोकना केवल किसी एक परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को संदेश दिया जा रहा है— “बेटी की शादी नहीं, पहले उसकी पढ़ाई और सपनों की उड़ान।” आयोजकों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य समुदाय में ऐसी सोच विकसित करना है, जहां हर बच्चा शिक्षा प्राप्त करे, सुरक्षित रहे और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर हासिल कर सके।

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