सुपौल। जिला कांग्रेस कार्यालय में रविवार की शाम हुए हंगामा, नारेबाजी एवं आगजनी की घटना को लेकर जिला कांग्रेस कमिटी में आक्रोश है। घटना के विरोध में सोमवार को जिला कांग्रेस कमिटी की आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक में घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुपम ने आरोप लगाया कि रविवार शाम करीब पांच बजे के बाद जब कांग्रेस कार्यकर्ता कार्यालय से निकल चुके थे, उसी दौरान 10-15 लोगों का समूह बिना पूर्व सूचना के कार्यालय पहुंचा और हंगामा, नारेबाजी एवं आगजनी की। उन्होंने कहा कि घटना के समय कार्यालय परिसर में केवल केयरटेकर और उसका परिवार मौजूद था।
कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार, मौके पर मौजूद लोगों ने स्वयं को भाजपा युवा मोर्चा से जुड़ा बताया और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। अनुपम ने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी राजनीतिक दल के कार्यालय में हंगामा और आगजनी की घटना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
घटना को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुपम के नेतृत्व में कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को पुलिस अधीक्षक, सुपौल से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने एसपी को पूरे मामले की जानकारी देते हुए प्राथमिकी दर्ज करने, दोषियों की पहचान करने तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल की ओर से उपलब्ध फोटोग्राफ एवं अन्य साक्ष्यों के संबंध में भी जानकारी दी गई।
इस दौरान अनुपम ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता किसी भी तरह के उकसावे में आकर विवाद या झड़प में शामिल न हों। कांग्रेस संविधान और कानून के रास्ते पर चलकर अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करेगी। आपात बैठक में बड़ी संख्या में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घटना की एक स्वर में निंदा की और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

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