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जिले में 15 चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित

  •  यातायात नियमों के बार-बार उल्लंघन पर परिवहन विभाग की सख्त कार्रवाई





सुपौल। परिवहन विभाग द्वारा निर्गत आदेश के आलोक में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने की दिशा में जिला परिवहन कार्यालय, सुपौल द्वारा सख्त कार्रवाई की गई है। विभागीय निर्देशों के अनुसार जिन वाहन चालकों द्वारा तीन बार अथवा उससे अधिक बार यातायात नियमों का उल्लंघन किया गया है, उनके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 19(1) के अंतर्गत ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन अथवा रद्दीकरण की कार्रवाई की जानी है।

इसी क्रम में सुपौल जिले में यातायात नियमों के उल्लंघन को लेकर विशेष समीक्षा की गई। जिला परिवहन पदाधिकारी, सुपौल द्वारा यातायात पुलिस से प्राप्त रिपोर्ट, ई-चालान अभिलेख एवं विभागीय आंकड़ों के विस्तृत परीक्षण के उपरांत यह पाया गया कि जिले के 15 वाहन चालकों द्वारा बार-बार यातायात नियमों की अवहेलना की गई है।

समीक्षा के दौरान निम्नलिखित प्रकार के गंभीर उल्लंघन सामने आए।

• बिना हेलमेट वाहन चलाना

• निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन चलाना

• गलत दिशा में वाहन का परिचालन

• सीट बेल्ट का प्रयोग न करना

• वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग

• वैध बीमा के बिना वाहन का परिचालन

• बार-बार ई-चालान लंबित रहना

• सड़क सुरक्षा मानकों की निरंतर अनदेखी

इन उल्लंघनों को गंभीर मानते हुए संबंधित चालकों को नियमानुसार सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया। तत्पश्चात 15 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित (Suspend) किए गए हैं।

परिवहन विभाग द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान यदि कोई चालक वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द (Cancel) किए जाने के साथ-साथ मोटरयान अधिनियम के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इसके अतिरिक्त केंद्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 के नियम 167(A) के अंतर्गत यह भी प्रावधान है कि यदि किसी वाहन स्वामी द्वारा यह दावा किया जाता है कि उल्लंघन के समय वाहन कोई अन्य व्यक्ति चला रहा था, तो उसे सक्षम प्राधिकारी के समक्ष ठोस एवं प्रमाणिक साक्ष्य प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

निलंबित ड्राइविंग लाइसेंस की पुनः बहाली निर्धारित अवधि की समाप्ति के पश्चात ही संभव होगी। इसके लिए संबंधित चालक को नियमानुसार आवेदन करना होगा। आवश्यक दस्तावेजों की जांच एवं विभागीय प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही लाइसेंस पुनः सक्रिय किया जाएगा। कुछ मामलों में लाइसेंस बहाली से पूर्व अनिवार्य प्रशिक्षण (Training) भी कराया जाएगा।

इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के अधिकांश मामले मानवीय लापरवाही के कारण होते हैं। तेज गति, नशे की हालत में वाहन चलाना तथा यातायात नियमों की अनदेखी आम नागरिकों के जीवन के लिए गंभीर खतरा बन जाती है। परिवहन विभाग का उद्देश्य किसी को दंडित करना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित घर तक पहुँचाना है।

उन्होंने आगे कहा कि जो चालक बार-बार नियमों का उल्लंघन करते हैं, उनके विरुद्ध विभाग सख्ती बरतेगा। वहीं जो नागरिक नियमों का पालन करेंगे, उनके लिए सड़कें सुरक्षित बनेंगी। जनहित में यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई किसी व्यक्ति को लक्षित करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, जन-जागरूकता फैलाने एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था स्थापित करने के उद्देश्य से की गई है।

जिला परिवहन कार्यालय द्वारा सभी वाहन चालकों से अपील की गई है कि यातायात नियमों का पूर्णतः पालन करें, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें, निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाएं, शराब या नशे की हालत में वाहन न चलाएं, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें, भी वैध दस्तावेज अद्यतन रखें। 

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