सुपौल। पिपरा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत पथरा उत्तर पंचायत स्थित ऐतिहासिक कैलाशपुरी मेला का उद्घाटन शनिवार को सुपौल सांसद दिलेश्वर कामैत, पिपरा विधायक रामविलास कामत, पूर्व विधायक यदुवंश कुमार यादव, अनुमंडल पदाधिकारी सह मेला अध्यक्ष इन्द्र वीर कुमार एवं मेला सचिव सुनील कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सांसद दिलेश्वर कामैत ने कहा कि कैलाशपुरी मेला का खोया हुआ अस्तित्व बहुत जल्द वापस आएगा। उन्होंने कहा कि इस स्थल को पर्यटन स्थल का दर्जा दिलाने की मांग विधानसभा में रखी गई है, जिसे सरकार द्वारा स्वीकृति भी मिल चुकी है। सांसद ने स्थानीय लोगों से मेला को सफल बनाने के लिए आपसी सहयोग की अपील की।
पिपरा विधायक रामविलास कामत ने कहा कि कैलाशपुरी मंदिर का चारदीवारी निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा रंगमंच का निर्माण कार्य भी शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा, जिससे मेला और अधिक भव्य स्वरूप में आयोजित हो सकेगा।
वहीं पूर्व विधायक यदुवंश कुमार यादव ने कैलाशपुरी मेला के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मेला उत्तर बिहार का एक प्रसिद्ध एवं प्राचीन मेला रहा है। प्राचीन काल में यह स्थल देवी-देवताओं की सभा स्थली के रूप में विख्यात था। उन्होंने बताया कि मेला को सजाने-संवारने एवं सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने का श्रेय तत्कालीन जमींदारों, राजाओं, सरकारी पदाधिकारियों तथा अंग्रेजों को जाता था। उस दौर में नेपाल के महाराजाधिराज सपरिवार इस मेला में शामिल होते थे। सोनपुर मेला के समापन के बाद यहां तंबू लगाया जाता था, किंतु कोसी नदी की विनाशकारी लीला के कारण मेला का अस्तित्व समाप्त हो गया।
पूर्व विधायक ने आगे कहा कि वर्ष 1970 में इस क्षेत्र के तत्कालीन सांसद स्वर्गीय गुणानंद ठाकुर के अथक प्रयास से अनुमंडल पदाधिकारी, सुपौल की अध्यक्षता में पुनः इस मेला की शुरुआत हुई, जो आज तक निरंतर चल रही है। विधानसभा में इस मुद्दे के उठने को उन्होंने एक बड़ी पहल बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।
उद्घाटन समारोह में अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में पूर्व मेला सचिव नरेश मिश्र, मुखिया मसरूदीन, पूर्व मुखिया हेम नारायण मंडल, मुखिया हरिनंदन मंडल, पूर्व सरपंच ब्रह्मदेव ठाकुर, भगवान दत्त चौधरी, निर्धन पासवान, सीताराम पासवान, सरवन चौधरी, विरेंद्र मंडल, नवल किशोर चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मौके पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु एवं दर्शक मौजूद थे, जिससे मेला परिसर में उत्सव का माहौल देखने को मिला।

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