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प्रतापगंज : खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त, जिला कृषि पदाधिकारी ने प्रतापगंज की खाद दुकानों का किया औचक निरीक्षण

 


सुपौल। किसानों से खाद की कमी और कालाबाजारी की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंगलवार को जिला कृषि पदाधिकारी पप्पू कुमार ने दलबल के साथ प्रतापगंज प्रखंड स्थित खाद दुकानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दुकानों में उपलब्ध खाद की गहन जांच की गई तथा विक्रेताओं के खाद स्टॉक पंजी, वितरण पंजी और पॉश मशीन की भी बारीकी से जांच की गई।

निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि किसानों की शिकायतों के आधार पर विभाग द्वारा सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में प्रतापगंज प्रखंड में खाद का आवंटन कम था, जिसको देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर यहां खाद का आवंटन बढ़ाया गया है और अब नियमित आपूर्ति भी सुनिश्चित की गई है। नए आवंटन के बाद दुकानों में उपलब्ध स्टॉक और वितरण की स्थिति की जांच के लिए ही यह निरीक्षण किया गया है।

निरीक्षण के दौरान अधिकांश दुकानों में स्टॉक सही पाया गया, हालांकि एक दुकान में कुछ गड़बड़ी सामने आई है, जिसको लेकर संबंधित विक्रेता से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिले भर में निरीक्षण के क्रम में अनियमितता पाए जाने पर चार-पांच खाद विक्रेताओं के विरुद्ध मामला दर्ज कराया गया है, वहीं कुछ दुकानों के लाइसेंस को निलंबित भी किया गया है।

उन्होंने खाद विक्रेताओं को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को केवल सरकारी निर्धारित मूल्य पर ही खाद उपलब्ध कराएं। पत्रकारों द्वारा पूछे गए इस सवाल पर कि यूरिया के साथ किसानों को जबरन नैनो यूरिया दिया जाता है, जिला कृषि पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नैनो यूरिया जबरन देने का कोई प्रावधान नहीं है। यदि इस तरह की कोई शिकायत संज्ञान में आती है तो संबंधित विक्रेता के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान बिना विभागीय पूर्व सूचना के दुकान बंद पाए जाने के मामले पर उन्होंने कहा कि एफसीओ के नियमों के अनुसार कोई भी लाइसेंसी खाद दुकान बिना सूचना बंद नहीं की जा सकती। ऐसा करना गैरकानूनी है। निरीक्षण के दौरान एक दुकान बंद पाई गई है, जिसके विरुद्ध स्पष्टीकरण पूछा जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई से खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगने और किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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