कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएनबी जोनल ऑफिसर अमित जोशी ने कहा कि जीविका से जुड़ी दीदियां बेहतर कार्य कर रही हैं। इससे न केवल वे स्वयं बल्कि उनके परिवार भी विभिन्न प्रकार के व्यवसाय और रोजगार से खुशहाल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक जीविका दीदियों को उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में ऋण उपलब्ध करा रहा है।
पीएनबी पूर्णिया मंडल प्रमुख अमित कुमार राउत ने कहा कि जीविका दीदियां स्वयं का व्यवसाय कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। वहीं जीविका के नोडल स्टेट एफआई शंभू ने कहा कि बिहार में जीविका के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की सराहना देशभर में हो रही है और अन्य राज्य भी इस मॉडल का अनुसरण कर रहे हैं।
जीविका डीपीएम दीपक कुमार यादव ने कहा कि शुरुआती दौर में जीविका समूहों को बैंक से ऋण लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था और महिलाएं भी कार्य करने में संकोच करती थीं, लेकिन अब बड़ी संख्या में जीविका दीदियां विभिन्न व्यवसायों के माध्यम से लाभ अर्जित कर रही हैं। बीडीओ अच्युतानंद ने कहा कि जीविका दीदियां निरंतर अपने व्यवसाय को बेहतर बना रही हैं और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं।
मेगा एसएचजी आउटरीच कार्यक्रम के दौरान कुल ₹2 करोड़ 22 लाख के ऋण का स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया। इसमें 21 जीविका समूहों को ₹1 करोड़ 81 लाख का ग्रुप लोन तथा 41 लखपति दीदियों को ₹41 लाख का ऋण स्वीकृत किया गया। इस अवसर पर पीएनबी के एग्रीकल्चर ऑफिसर गुलेश, जीविका बीपीएम सरायगढ़ मृत्युंजय कुंवर, बसंतपुर बीपीएम रितु कुमारी, छातापुर बीपीएम रविकांत मंडल, पीएनबी सिमरी एन के शाखा प्रबंधक नितेश कुमार पासवान सहित पिपरा खुर्द, त्रिवेणीगंज, लोकहा, बसबिट्टी, महदीपुर के शाखा प्रबंधक, पीएनबी सिमरी एन के अखिलेश कुमार, सत्यनारायण यादव समेत अन्य बैंक एवं जीविका के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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