सुपौल। एसएसबी 45वीं बटालियन मुख्यालय में सोमवार एवं मंगलवार को कमांडेंट गौरव सिंह के कुशल मार्गदर्शन एवं निर्देशन में मानव रोधी इकाई द्वारा मानव तस्करी जैसे गंभीर सामाजिक अपराध के विरुद्ध दो दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वाहिनी के कार्मिकों को मानव तस्करी के प्रति जागरूक करना, इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों एवं सरकारी नीतियों की जानकारी देना तथा पीड़ितों की समय पर पहचान, संरक्षण एवं पुनर्वास सुनिश्चित करने की दिशा में उनकी कार्यक्षमता को सुदृढ़ करना था।
कार्यशाला के दौरान मानव तस्करी का परिचय एवं उसके विभिन्न स्वरूपों, इससे संबंधित कानूनी ढांचे एवं नीतियों, पीड़ितों की पहचान और उनकी संवेदनशील परिस्थितियों, मानव तस्करी की रोकथाम में विभिन्न हितधारकों की भूमिका एवं दायित्व, अंतर-एजेंसी समन्वय तथा संवेदनशील दृष्टिकोण के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर उप कमांडेंट सुमन सौरभ, प्रवीण कुमार कौशिक, हरजीत राव, उपनिरीक्षक भावना एवं निर्मला सहित सर्वो प्रयास संस्थान के सचिव, जिला बाल संरक्षण इकाई अररिया के सहायक निदेशक शंभु कुमार रजक, जागरण कल्याण भारती (एनजीओ) के सचिव संजय कुमार तथा बाल कल्याण समिति के सदस्य पंचम नारायण सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।
दो दिवसीय इस कार्यशाला में बटालियन के कुल 35 कार्मिकों ने सक्रिय सहभागिता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यशाला के माध्यम से मानव तस्करी की रोकथाम हेतु समन्वित प्रयासों, संवेदनशीलता एवं प्रभावी कार्रवाई पर विशेष बल दिया गया।

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