सुपौल। बसंतपुर प्रखंड के बनेलीपट्टी पंचायत के वार्ड संख्या 02 स्थित राजाजी स्थान में छह मार्च से 12 मार्च तक आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथा वाचक निम्बार्क वैष्णवाचार्य राहुल मिश्राजी महाराज ने श्रद्धालुओं को कलयुग के दमन और उसके निवास स्थानों के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने श्रीमद् भागवत के प्रसंग का उल्लेख करते हुए राजा परीक्षित के यात्रा वृतांत का वर्णन किया और कहा कि शास्त्रों के अनुसार कलयुग को रहने के लिए चार स्थान दिए गए हैं। पहला स्थान वह है जहाँ हिंसा होती है, इसलिए मनुष्य को हिंसा से दूर रहना चाहिए। दूसरा स्थान परस्त्री गमन से संबंधित है, अर्थात किसी दूसरे की स्त्री के साथ दुर्व्यवहार या अनैतिक संबंध नहीं रखना चाहिए। तीसरा स्थान मदिरापान से जुड़ा है, इसलिए मदिरा और नशे से दूर रहना आवश्यक बताया गया। वहीं चौथा स्थान स्वर्ण से संबंधित है, जिसका आशय लालच, चोरी और दूसरों की संपत्ति हड़पने से है।
कथा वाचक ने कहा कि यदि मनुष्य इन चारों स्थानों से दूर रहेगा तो वह निश्चित रूप से आध्यात्मिक मार्ग की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने वर्तमान पीढ़ी से आह्वान करते हुए कहा कि आज के समय में लोग अध्यात्म से दूर होते जा रहे हैं, इसलिए अपने चंचल मन पर नियंत्रण रखकर धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलना चाहिए। कथा के दौरान कपिल अवतार सहित भगवान के विभिन्न अवतारों का भी वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

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