सुपौल। अभियंत्रण महाविद्यालय सुपौल के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित एक सप्ताह की राष्ट्रीय कार्यशाला के दूसरे दिन मंगलवार को विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों एवं उद्योग से आए विशेषज्ञों ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। कार्यशाला का विषय सेमीकंडक्टर डिवाइस, फोटोनिक्स एवं इंटेलिजेंट ऑटोमेशन जैसे उभरते तकनीकी क्षेत्रों पर केंद्रित है।
कार्यक्रम के पहले तकनीकी सत्र में आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के प्रो. राजीव कुमार रंजन ने सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी के आधुनिक अनुप्रयोगों पर चर्चा की। वहीं एनआईटी दुर्गापुर के प्रो. आशीष कुमार मल ने उन्नत सेमीकंडक्टर डिवाइस और इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों की भूमिका पर जानकारी दी।
उद्योग क्षेत्र से एलमैक्स सिस्टम्स एंड सॉल्यूशंस के शुभ्रज्योति मोइत्रा ने औद्योगिक स्वचालन और एम्बेडेड सिस्टम के महत्व पर अपने अनुभव साझा किए। इसके अलावा गालगोटिया विश्वविद्यालय के डॉ. गौरव कुमार भारती और एसपीएनआरईसी अररिया के डॉ. रितेश कुमार ने आधुनिक संचार प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक सर्किट पर व्याख्यान दिया।
कार्यशाला के संयोजक व डीन एकेडेमिक्स डॉ. चन्दन कुमार ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को सेमीकंडक्टर, फोटोनिक्स और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक तकनीकों से अवगत कराना है। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष रवि रंजन सहित कई शिक्षक व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ मौजूद रहे।

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