सुपौल। समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन की अध्यक्षता में वित्तीय वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही की जिला स्तरीय बैंक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के विकास में बैंकों की भागीदारी बढ़ाना एवं सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करना रहा।
बैठक में बैंकिंग कार्यों एवं ऋण वितरण की समीक्षा करते हुए बताया गया कि दिसंबर 2025 तक जिले ने वार्षिक ऋण योजना (ACP) का 50 प्रतिशत यानी 2,30,615 लाख रुपये का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। वहीं, जिले का औसत सीडी रेशियो 68 प्रतिशत दर्ज किया गया। अपर समाहर्ता ने IDBI और PNB जैसे बैंकों को जमा राशि के अनुपात में ऋण वितरण बढ़ाने का निर्देश दिया। साथ ही IDBI, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक और इंडियन बैंक जैसे कम प्रदर्शन करने वाले बैंकों को सुधार लाने की सख्त हिदायत दी गई।
प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की समीक्षा में कृषि क्षेत्र में 61 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई, जबकि मत्स्य पालन में मात्र 0.27 प्रतिशत प्रगति पर चिंता जताई गई। पशुपालन क्षेत्र में 20 प्रतिशत उपलब्धि रही, जिसे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। वहीं MSME क्षेत्र में 48 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया है। मुद्रा योजना के तहत RSETI द्वारा भेजे गए 319 आवेदन लंबित पाए गए, जिन्हें जल्द स्वीकृत करने को कहा गया।
बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लंबित आवेदनों पर भी चर्चा हुई। पीएमईजीपी के तहत 113 आवेदन लंबित हैं, जिनमें सर्वाधिक एसबीआई के पास हैं। पीएमएफएमई योजना में 276 आवेदन लंबित पाए गए। इसके अलावा गव्य विकास योजना के 161 और जीविका डेयरी योजना के 28 आवेदन भी लंबित हैं।
बैठक में एक महत्वपूर्ण जनहितकारी निर्णय लेते हुए सभी बैंकों ने प्रत्येक माह के दूसरे सप्ताह के बुधवार को जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर ‘विशेष बैंकिंग कैंप’ आयोजित करने पर सहमति जताई। इन कैंपों के माध्यम से आम लोगों को बैंकिंग सुविधाएं और ऋण योजनाओं का लाभ मौके पर ही उपलब्ध कराया जाएगा।
अपर समाहर्ता ने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि लंबित आवेदनों का अगले 15 दिनों के भीतर निपटारा सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिले के विकास कार्य प्रभावित न हों।
बैठक में वरीय उप समाहर्ता (बैंकिंग) मुकेश कुमार, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक राजीव कुमार झा, नाबार्ड के डीडीएम सहित सभी बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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