सुपौल। सुपौल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मरौना प्रखंड में छात्र-छात्राओं को नजदीक ही उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। इसी क्रम में सोमवार को राज्य के वित्त एवं ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मरौना प्रखंड के विभिन्न गांवों का दौरा कर प्रस्तावित कॉलेज के लिए उपयुक्त जमीन का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा ग्रामीणों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने ही इलाके में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मरौना प्रखंड के अधिकांश छात्र-छात्राओं को स्नातक और अन्य उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
मंत्री श्री यादव ने कहा कि यदि मरौना प्रखंड में कॉलेज की स्थापना हो जाती है तो इससे न केवल स्थानीय छात्रों को लाभ मिलेगा, बल्कि आसपास के कई पंचायतों के विद्यार्थी भी इसका फायदा उठा सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कॉलेज निर्माण के लिए ऐसी जमीन का चयन किया जाए जो पर्याप्त क्षेत्रफल वाली, सड़क से जुड़ी हुई और भविष्य में विस्तार की दृष्टि से भी उपयुक्त हो।
दौरे के दौरान मंत्री ने संभावित स्थानों का बारीकी से निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से जमीन की उपलब्धता, पहुंच मार्ग तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों ने भी मंत्री के इस प्रयास का स्वागत करते हुए जल्द से जल्द कॉलेज की स्थापना की मांग की।
मंत्री ने भरोसा दिलाया कि जमीन चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कॉलेज की स्थापना से जुड़ी आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जाएंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार लगातार नई पहल कर रही है, ताकि ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के युवाओं को भी बेहतर अवसर मिल सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मरौना प्रखंड में कॉलेज खुलने से शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को विशेष रूप से लाभ मिलेगा। साथ ही क्षेत्र के सामाजिक और शैक्षणिक विकास को भी नई गति मिलेगी। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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