सुपौल (07 मार्च 2026)।
सुपौल के व्यवहार न्यायालय परिसर में
आज जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सौजन्य से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर
रवाना किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत सिंह, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय राहुल
उपाध्याय, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अफजल
आलम सहित अन्य न्यायाधीशों और न्यायिक अधिकारियों ने भाग
लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आगामी 14 मार्च 2026 को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के
बारे में जन-जागरूकता फैलाना है। माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत सिंह ने
बताया कि इस लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के सुलहनीय मामले निपटाए जाएंगे,
जैसे:
- बैंक लोन और चेक बाउंस से जुड़े मामले
- बिजली बिल संबंधित विवाद
- आपराधिक सुलहनीय मामले
- वैवाहिक (मेट्रोमोनियल) विवाद
- अन्य समझौते योग्य मामले
उन्होंने अपील की कि अधिक से अधिक लोग
अपने लंबित मामलों को इस लोक अदालत में लाकर आपसी समझौते से निपटाएं, ताकि बिना लंबी सुनवाई और कोर्ट फीस के तुरंत
न्याय मिल सके।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अफजल
आलम ने बताया कि लोक अदालत के लिए अब तक 3300
से अधिक मामले
चिह्नित किए जा चुके हैं, जबकि बैंक लोन से
जुड़े 13,660 मामलों को नोटिस
जारी किया गया है।
कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र
न्यायाधीश प्रथम दिलीप सिंह, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनय शंकर, मुख्य
न्यायाधीश दंडाधिकारी रामचंद्र प्रसाद सहित अन्य न्यायिक
दंडाधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। यह जागरूकता रथ जिले के विभिन्न इलाकों में
घूमकर लोगों को लोक अदालत के फायदे बताएगा और उन्हें अपने मामलों को सुलझाने के
लिए प्रेरित करेगा।


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