सुपौल। समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में गुरुवार जिलाधिकारी-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में भारत की जनगणना 2027 के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त सह वरीय नोडल अधिकारी (जनगणना), अपर समाहर्ता सह जिला जनगणना अधिकारी सहित जिला स्तरीय सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं सभी अनुमंडल, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं चार्ज जनगणना अधिकारी (ग्रामीण एवं शहरी) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
बैठक में जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 2 मई 2026 से 31 मई 2026 तक किया जाएगा। इससे पूर्व आम नागरिकों के लिए 17 अप्रैल 2026 से 1 मई 2026 तक 15 दिनों की अवधि में स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने बताया कि इच्छुक नागरिक se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के तहत कुल 33 प्रश्नों का सही-सही उत्तर भरना होगा। सफलतापूर्वक फॉर्म सबमिट करने के बाद संबंधित व्यक्ति को ‘SEID’ प्राप्त होगा, जो ‘H’ अक्षर से शुरू होने वाला 11 अंकों का यूनिक आईडी होगा। इस आईडी को सुरक्षित रखना अनिवार्य है, जिसे बाद में प्रगणक द्वारा सत्यापन के समय प्रस्तुत करना होगा।
जिलाधिकारी ने सभी जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्व-गणना अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं। साथ ही अपने अधीनस्थ कर्मियों को भी स्वयं के साथ-साथ अपने पड़ोसियों एवं संबंधियों को इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित करने को कहा।
बैठक के दौरान जनगणना निदेशालय से नामित जिला समन्वयक (रिसोर्स पर्सन) शशि किरण ने वीडियो प्रस्तुति एवं लाइव डेमो के माध्यम से स्व-गणना की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया।

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