सुपौल। भारत की आगामी जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकान गणना को लेकर प्रखंड मुख्यालय सभागार में सोमवार को प्रखंड स्तरीय तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अच्युतानंद ने की।
प्रशिक्षण के दौरान प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को जनगणना कार्य में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस बार जनगणना में मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा संग्रह किया जाएगा, जिसमें प्रगणक अपने ही मोबाइल फोन का उपयोग करेंगे।
कार्यक्रम में हाउस लिस्टिंग, हाउसहोल्ड (एचसीबी) पहचान एवं मानचित्रण, डेटा संग्रहण एवं सत्यापन, डेटा सिंक, पर्यवेक्षण, पूर्णता एवं प्रमाणन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही बहुस्तरीय जांच प्रणाली के माध्यम से आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बीडीओ अच्युतानंद ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम तीन दिनों तक संचालित होगा। आगामी सत्र 17 और 21 अप्रैल को भी आयोजित किए जाएंगे। प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक दो पालियों में 50-50 प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस मौके पर बीसीओ शिव शंकर पंडित, प्रखंड कृषि पदाधिकारी कृष्ण कुमार सुधांशु, मनरेगा पीओ बसंत कुमार, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी चंडेश्वर झा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। वहीं बड़ी संख्या में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों ने प्रशिक्षण में भाग लेकर जनगणना कार्य की बारीकियों को समझा। प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनगणना कार्य को सुचारू, पारदर्शी एवं तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है, ताकि सटीक एवं विश्वसनीय आंकड़े एकत्र किए जा सकें।

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