सुपौल। रतनपुर थाना क्षेत्र के सातनपट्टी पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 6 स्थित लालमनपट्टी गांव के प्राचीन श्री दयालेश्वरनाथ महादेव मंदिर में सोमवार की देर रात असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़फोड़ किए जाने का मामला सामने आया है। घटना में मंदिर में स्थापित शिवलिंग सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिससे क्षेत्र के श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार की अहले सुबह मंदिर के पुजारी नियमित पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे तो उन्होंने मंदिर परिसर में तोड़फोड़ के निशान देखे। शिवलिंग और अन्य प्रतिमाएं क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ी थीं। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर में जुट गए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
ग्रामीणों ने बताया कि घटना के बाद मंदिर के आसपास एक संदिग्ध व्यक्ति घूमता हुआ दिखाई दिया। जब लोगों ने उससे पूछताछ की तो उसने अपना नाम और पता बताने से इनकार कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना रतनपुर थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष पिंटू कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर थाना लाया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
हालांकि मंदिर समिति और ग्रामीणों का कहना है कि हिरासत में लिया गया व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत होता है। ऐसे में ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि किसी सुनियोजित साजिश के तहत वास्तविक दोषियों द्वारा घटना को अंजाम देकर उस व्यक्ति को घटनास्थल के आसपास छोड़ दिया गया हो। ग्रामीणों ने पुलिस से मामले की गहराई से जांच करने की मांग की है।
बताया जाता है कि करीब पांच माह पूर्व भी इसी मंदिर से दानपेटी चोरी होने की घटना हुई थी। लगातार दूसरी घटना के बाद स्थानीय लोगों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।
घटना की सूचना मिलते ही बजरंग दल के राष्ट्रीय प्रमुख सुपौल वीरेंद्र कुमार बिमल, पवन कुमार मेहता, मुनमुन सिंह, श्री प्रसाद साह, चंदन भाई धर्मराज, मुनमुन झा, आलोक कुमार राज, उदय कुमार, कुंदन कुमार कुशवाहा और अरुण कुमार सिंह सहित कई लोग मंदिर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
मंदिर समिति के अध्यक्ष तारानंद झा, विवेकानंद झा, धर्मेंद्र झा, पूर्व मुखिया धर्मेंद्र पासवान, मुखिया सुरेंद्र पासवान, सरपंच दिनेश राम, उपमुखिया प्रमोद शाह, सर्व नारायण यादव, नवीन झा, मृत्युंजय झा एवं अर्जुन कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह धार्मिक आस्था से जुड़ा गंभीर मामला है और दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि मंदिर के आसपास कोसी पूर्वी तटबंध पर दोनों ओर करीब एक किलोमीटर की दूरी पर 45वीं वाहिनी एसएसबी के कैंप स्थित हैं तथा क्षेत्र में नियमित गश्त भी होती है। इसके बावजूद इतनी बड़ी घटना का होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी वीरपुर नीरज कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार तथा पुलिस इंस्पेक्टर राजेश कुमार चौधरी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इधर रतनपुर थानाध्यक्ष पिंटू कुमार ने बताया कि मंदिर समिति की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी तथा क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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