सुपौल (1 अप्रैल 2026) कोसी क्षेत्र की जनता के लिए ऐतिहासिक दिन। आज निर्मली अनुमंडल का 36वाँ स्थापना दिवस समारोह ‘एक झलक’ थीम के साथ ओम श्रीसाईं पब्लिक स्कूल, निर्मली (सुपौल) में दोपहर 2 बजे से आयोजित हुआ।
समारोह की अध्यक्षता अखिल भारतीय अधिवक्ता कल्याण समिति कोसी प्रमंडल, सहरसा के अध्यक्ष तथा पूर्व अनुमंडलीय विधिज्ञ संघ निर्मली के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता रामलखन प्रसाद यादव करेंगे।
स्थापना की कहानी
1 अप्रैल 1991 को तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने कोसी नदी के पश्चिमी पार स्थित निर्मली और मरौना प्रखंड को मिलाकर निर्मली को अनुमंडल का दर्जा दिया था। इससे पहले स्थानीय जनता को 80 किलोमीटर दूर वीरपुर और सुपौल अनुमंडल जाना पड़ता था। कोसी पीड़ितों की सुविधा को ध्यान में रखकर लिया गया यह फैसला आज भी याद किया जाता है।
35 साल में हुआ चहुँमुखी विकास
अनुमंडल बनने के बाद क्षेत्र में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और न्याय व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ। एनएच, डबल रोड और बड़ी रेल लाइन से पटना समेत देश के कई शहरों तक कनेक्टिविटी आसान हो गई वहीं मरौना पीएचसी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया जहां निर्मली में 100 बेड का अनुमंडलीय अस्पताल चल रहा है। एएनएम प्रशिक्षण केंद्र भी संचालित है।
शिक्षा के क्षेत्र में काफी तरक्की हुई। आज सरकारी-गैर सरकारी स्कूलों-कॉलेजों में 15 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। बिजली के लिए पावर ग्रिड और कई सब स्टेशन बनाए गए जिससे पर्याप्त बिजली आपूर्ति हो रही है। 60 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित व्यवहार न्यायालय भवन तैयार है।
पूर्व में कर्मचारी पदस्थापन को ‘काला पानी की सजा’ मानते थे, लेकिन अब सड़क-रेल सुविधा के कारण अधिकारी-कर्मी स्वयं यहां आने को उत्सुक रहते हैं।
आज का कार्यक्रम और आयोजकों की अपील
आयोजक समिति ने बताया कि अनुमंडल स्थापना के बाद पहली बार स्थापना दिवस को इस रूप में मनाया जा रहा है। आयोजन समिति ने अपील की है कि यदि आयोजन में कुछ कमियां रह गई हों तो आयोजक क्षमाप्रार्थी हैं। अगले वर्ष से और बेहतर व सुव्यवस्थित तरीके से समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह में स्थानीय जनता, राजनेता, अधिकारी और बुद्धिजीवियों को आमंत्रित किया गया है।
विकास की बाकी मांगें
आयोजक समिति ने कुछ जरूरी मांगें भी रखी हैं जिसमें मुख्य रूप से अनुमंडल मुख्यालय में नगर पंचायत क्षेत्र का जलजमाव दूर करना, सभी विभागों में अधिकारियों का पूर्ण पदस्थापन, नवनिर्मित व्यवहार न्यायालय का शुभारंभ, कारा भवन निर्माण शुरू करना, यातायात पुलिस बहाल करना, थानों को मॉडल थाना बनाना, मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना, खेल मैदान और पार्क बनाना, बस-टैक्सी स्टैंड निर्माण एवं मधुबनी जिले की सीमा पर निगरानी बढ़ाना इत्यादि।
आज का यह समारोह न सिर्फ 36 साल के सफर की याद दिलाता है, बल्कि आगे और बेहतर विकास की दिशा भी दिखाता है। निर्मली अब कोसी क्षेत्र का विकास का प्रतीक बन चुका है।

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