सुपौल (08 अप्रैल 2026)। जिला में सदर प्रखण्ड अंतर्गत के एकमात्र मॉडल स्कूल उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, कालीगंज को प्रखंड सुपौल का चुना गया था। वहीं इस विद्यालय प्रांगण में ग्राम पंचायत रामदत्तपट्टी के मुखिया मो. जियाउर रहमान द्वारा पंचायत सरकार भवन का निर्माण कार्य शुरू किए जाने के कारण गंभीर विवाद उत्पन्न हो गया है।
विद्यालय की चारदीवारी तोड़कर निर्माण कार्य आरंभ करने के विरुद्ध स्थानीय शिक्षा प्रेमियों एवं अभिभावकों ने 05 जुलाई 2024 को जिला पदाधिकारी सुपौल, कोशी आयुक्त सहरसा, प्रधान सचिव शिक्षा विभाग तथा माननीय मुख्यमंत्री बिहार को विस्तृत आवेदन सौंपा था। आवेदन में स्पष्ट उल्लेख किया गया था कि मॉडल स्कूल का निर्माण संभव नहीं हो सकेगा और क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
06 अप्रैल 2026 को लोक सूचना अधिकार के तहत प्राप्त जवाबी पत्र में उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, कालीगंज के प्रधानाध्यापक ने आवेदक श्री चंदन कुमार यादव को स्पष्ट जानकारी देते हुए बताया कि विद्यालय की चारदीवारी तोड़ने संबंधी कोई आदेश कार्यालय को प्राप्त नहीं है। विद्यालय प्रांगण में पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए उनके स्तर से कोई सहमति या अनापत्ति प्रमाण-पत्र नहीं दिया गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य रोकने हेतु उन्होंने पूर्व में जिला शिक्षा पदाधिकारी सुपौल तथा जिला पदाधिकारी सुपौल को आवेदन दिया था। वहीं उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय की चारदीवारी को ग्राम पंचायत रामदत्तपट्टी के मुखिया मो. जियाउर रहमान द्वारा तोड़ा गया है।
प्रधानाध्यापक के इस जवाब से यह स्पष्ट हो गया है कि निर्माण कार्य विद्यालय प्रशासन की जानकारी या सहमति के बिना प्रारंभ किया गया। स्थानीय निवासियों ने इस मामले में व्यापक समर्थन जुटाया है तथा सैकड़ों शिक्षा प्रेमियों के हस्ताक्षर एवं फोन नंबरों सहित ज्ञापन भी प्रस्तुत किए गए हैं।
विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना के बीच इस निर्माण कार्य से क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा पर अपूरणीय क्षति पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। अभिभावक एवं शिक्षा प्रेमी अब उच्च अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं ताकि मॉडल स्कूल का निर्माण निर्बाध रूप से हो सके और पंचायत भवन का कार्य विद्यालय परिसर से बाहर स्थानांतरित किया जाए।
ग्रामीणों एवं स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि मॉडल स्कूल बच्चों के भविष्य का प्रश्न है। पंचायत भवन कहीं और बनाया जा सकता है, लेकिन स्कूल परिसर को क्षति पहुंचाना उचित नहीं है। जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की दिशा में कदम उठाएगा, इसकी अपेक्षा की जा रही है।


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