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निर्मली : व्यवहार न्यायालय उद्घाटन की तैयारी तेज, जेल निर्माण अब भी अधर में



सुपौल। निर्मली अनुमंडल के स्थापित हुए 35 वर्ष बीत गए किंतु अभी तक इस अनुमंडल को पूर्ण अनुमंडल का दर्जा नहीं मिल पाया है। मंगलवार को विधिक संघ के पूर्व अध्यक्ष और निर्मली में उपलब्ध और आवंटित जमीन पर कोर्ट, जेल निर्माण कार्य और संचालन के लिए माननीय हाई कोर्ट में याचिकाकर्ता (अधिवक्ता) रामलखन प्रसाद यादव, संघ के उपाध्यक्ष गुलाबचंद्र यादव, पूर्व महासचिव गिरधारी प्रसाद साहू, वीरेंद्र कुमार विमल-2, पूर्व ट्रेजरर विजय कुमार साहू आदि ने न्यायालय और जजेज आवासीय कॉलोनी में चल रही साफ- सफाई और सौन्दर्यीकरण कार्यों का जायजा लिया साथ ही आवश्यक स्थलों पर रंगाई पुताई, प्रांगण में उगे खरपतवार की साफ सफाई. करवाने का सुझाव कार्य एजेंसी के पीएम धर्मेंद्र कुमार और एजेंसी के रिश्तेदार संजीव कुमार को दिया। 

अधिवक्ताओं ने कार्य एजेंसी वालों से कहा कि उद्घाटन के पूर्व की तैयारी के लिए जब भी जरूरत महसूस हो तो सहयोग ले सकते हैं। अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय और जेल की स्थापना के लिए 2016 से लड़ी गई लंबी लड़ाई के बाद व्यवहार न्यायालय तो कार्य रूप में आने वाला है लेकिन जेल का निर्माण कार्य अधर में लटक गया जबकि राज्य के कारा महानिरीक्षक मिथिलेश मिश्रा ने डीपीआर तैयार कर निर्माण कार्य आरंभ करने हेतु प्रक्रिया जारी कर चुके थे। किंतु जिस किसी के उदासीनता के कारण जेल का निर्माण कार्य फिलहाल टल गया है। 

अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय उद्घाटन की तिथि तो वैधानिक स्तर से निश्चित नहीं की गई है लेकिन संभावना के अनुसार अगले 13 अप्रैल को हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू के कर कमलों से इस व्यवहार न्यायालय का शुभारंभ होने का संकेत मिल रहा है। 5 एकड़ 81 डिसमिल जमीन पर निर्मित करीब 60 करोड़ की लागत पर चार बड़े-बड़े बिल्डिंग का अलग-अलग उद्घाटन एक ही दिन होना तय है जिसके लिए व्यवहार न्यायालय परिसर में चहल-पहल काफी तेज दिख रहा है। 

लगभग प्रत्येक दिन जिला मुख्यालय से कोई न कोई न्यायाधीश इलेक्ट्रीशियन आदि कई एजेंसियों का दौरा अनवरत है। व्यवहार न्यायालय के चाहार दिवारी के अंदर चिन्हित जगह पर पौधरोपण कार्य पूर्ण कर दिया गया जबकि आवासीय भवन से सटे पश्चिम खाली जगह पर पौधारोपण की प्रक्रिया के लिए वन विभाग के कर्मी तैनात हो गए हैं। वन विभाग वाले को नगर पंचायत स्तर से जमीन लेवलिंग और साफ सफाई के लिए सहयोग प्राप्त हो रहा है जहां तक चाहार दिवारी के अंदर बिल्डिंग, सड़क पार्क की साफ- सफाई कार्य भी जोरों पर है।

 परिसर में अवस्थित विभिन्न खंबे को इलेक्ट्रॉनिक तिरंगे और कोर्ट बिल्डिंग को सजाने का कार्य भी जारी हो चुका है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनंत सिंह परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश माननीय राहुल कुमार उपाध्याय अनवरत वीडियो कॉल और मोबाइल फोन से चार्ज प्रगति की जायजा लेते रहते हैं। साथ ही आवश्यक दिशा निर्देश भी अनवरत रूप से दिया करते हैं। इन अधिकारियों के निर्देश और मार्गदर्शन के कारण उद्घाटन पूर्व का कार्य बहुत ही तीव्र गति से जारी है। व्यवहार न्यायालय और न्यायाधीश आवासीय कॉलोनी के मुख्य द्वार पर लगे आकर्षक गेट और नेम प्लेट देखते ही बनता है।

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