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आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता व प्रवासी श्रमिकों के हितों पर समीक्षा, कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश


सुपौल। कृषि विभाग, बिहार के प्रधान सचिव सह सुपौल के प्रभारी सचिव नर्मदेश्वर लाल की अध्यक्षता में जिले में आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की उपलब्धता, प्रवासी श्रमिकों के हितों की सुरक्षा सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक समेत सभी संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में एलपीजी गैस आपूर्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 51 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं, जिनमें 26 IOCL, 9 BPCL एवं 16 HPCL एजेंसियां शामिल हैं। जिले में कुल 5,12,000 एलपीजी उपभोक्ता हैं। वर्तमान में विभिन्न कंपनियों के भंडार में पर्याप्त गैस उपलब्ध है, वहीं बड़ी संख्या में बुकिंग लंबित है, जिसके त्वरित वितरण का निर्देश दिया गया। प्रधान सचिव ने स्पष्ट रूप से कहा कि कालाबाजारी एवं जमाखोरी रोकने के लिए सतत निगरानी जरूरी है।

जिला प्रशासन द्वारा गैस की उपलब्धता एवं वितरण की जानकारी प्रतिदिन प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से साझा की जा रही है। शिकायतों के समाधान के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है तथा टोल फ्री नंबर 06473-224005 जारी किया गया है। प्रधान सचिव ने इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जिले में अभी तक पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध नहीं है। इस पर प्रधान सचिव ने संबंधित एजेंसियों को शीघ्र कार्यवाही कर आमजनों को सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

पेट्रोल पंपों को सख्त निर्देश दिया गया कि ईंधन केवल वाहनों में ही दिया जाए, केन या जार में नहीं, ताकि जमाखोरी पर रोक लग सके। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग एवं शहरी क्षेत्रों में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।

आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मूल्य नियंत्रण के लिए प्रखंड स्तर पर दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। जिला स्तर पर मूल्य नियंत्रण कोषांग भी सक्रिय है, जिससे आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों की नियमित समीक्षा की जा रही है।

प्रवासी श्रमिकों के संदर्भ में बताया गया कि श्रमिक ऐप के माध्यम से 12,546 प्रवासी मजदूर चिन्हित किए गए हैं। उनके आगमन पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पंचायत स्तर पर भी निगरानी बढ़ाने को कहा गया।

जिले में दीदी की रसोई, वेलफेयर हॉस्टल, नवोदय विद्यालय, कस्तूरबा विद्यालय, कारागार, बालगृह, मेडिकल एवं इंजीनियरिंग कॉलेज जैसे संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर एलपीजी उपलब्ध कराया जा रहा है।

खरीफ मौसम को लेकर उर्वरक की उपलब्धता पर्याप्त बताई गई। सभी खाद दुकानों का PoS के माध्यम से सत्यापन किया जा रहा है तथा अनियमितता पर कार्रवाई की जा रही है। प्रधान सचिव ने उर्वरक की कालाबाजारी और तस्करी रोकने के लिए सघन जांच एवं छापेमारी के निर्देश दिए, विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने को कहा।

अंत में प्रधान सचिव ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर निगरानी बनाए रखें, ताकि आमजनों को आवश्यक वस्तुएं सुगमता से उपलब्ध हो सकें और किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।

बैठक में जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी सहित सभी अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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