सुपौल। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा निर्देशित मिनिमम एक्शन प्लान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के अध्यक्ष का प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, आनंत सिंह के निर्देश अनुसार आज मंडल कारा सुपौल में वृद्ध व्यक्तियों के अधिकारों पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कारा के सभी वृद्ध बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं एवं उपलब्ध विधिक सहायता से अवगत कराना था।
कार्यक्रम में डीएलएसए के सचिव अफजल आलम ने वृद्ध व्यक्तियों से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनों जैसे रखरखाव एवं कल्याण अधिनियम, पेंशन योजनाओं तथा मेडिकल सुविधाओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सभी वृद्ध बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता का आश्वासन देते हुए कहा कि डीएलएसए हमेशा उनके पक्ष में खड़ा रहेगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ काराधीक्षक मोतीलाल, कारा उपाधीक्षक तथा लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता प्रशांत कुमार ने संयुक्त रूप से किया। मौके पर कारा प्रशासनिक अधिकारी एवं अन्य स्टाफ भी उपस्थित रहे।
इस पहल से कारा के वृद्ध बंदी उत्साहित दिखे तथा उन्होंने अपनी समस्याओं पर खुलकर चर्चा की। डीएलएसए ने ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने का संकल्प जताया।

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