सुपौल। पिपरा प्रखंड क्षेत्र के उप स्वास्थ्य केंद्र मकरई अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 109 पर सामुदायिक भागीदारी के तहत ट्रांजिट वॉक के माध्यम से सोशल मैपिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व वार्ड सदस्य सुजाता देवी ने किया, जबकि समन्वय वाधवानी एआई के प्रखंड समन्वयक विकास ठाकुर द्वारा किया गया।
ट्रांजिट वॉक के दौरान मोबिलाइजर, आशा फेसिलिटेटर, एएनएम, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, मेडिकल ऑफिसर, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सहायक सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, महिलाएं और युवा शामिल हुए। सभी ने मिलकर पूरे पोषक क्षेत्र का भ्रमण किया और गांव के संसाधनों की पहचान की।
भ्रमण के दौरान छूटे हुए घरों एवं बच्चों को सर्वे रजिस्टर में दर्ज किया गया। साथ ही ग्रामीणों को टीकाकरण के महत्व और इससे होने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके बाद सामूहिक रूप से गांव का नजरी नक्शा तैयार किया गया।
इस अवसर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरा की बीसीएम अनु कुमारी ने बताया कि सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से जीरो डोज एवं छूटे हुए बच्चों के टीकाकरण को सुनिश्चित करना मुख्य उद्देश्य है।
वहीं वाधवानी एआई के जिला समन्वयक निशांत अहमद ने कहा कि एक भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे, इससे बाल एवं मातृ मृत्यु दर में कमी आती है। उन्होंने बताया कि टीकाकरण से 12 जानलेवा बीमारियों से बचाव संभव है और यह विश्व का सबसे बड़ा स्वास्थ्य अभियान है।
प्रखंड समन्वयक विकास ठाकुर ने कहा कि टीकाकरण जागरूकता बढ़ाने में एएनएम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। टीकाकरण के दौरान लाभार्थियों को चार प्रमुख संदेश देना आवश्यक है, जिससे लोगों में विश्वास बढ़ता है। उन्होंने अपील की कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर अस्पताल प्रबंधन को सूचित करें।
बताया गया कि जीएवीआई (ग्लोबल एलायंस फॉर वैक्सीन एंड इम्यूनाइजेशन) द्वारा देश के 143 जिलों तथा बिहार के 25 जिलों में टीकाकरण कार्य में सहयोग दिया जा रहा है, जिसमें पिपरा प्रखंड के 12 वार्ड भी शामिल हैं।

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