सुपौल। राघोपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत सिमराही के वार्ड नंबर 3 में रविवार को वीरपुर न्यायालय के आदेश पर प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इस दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी, लेकिन महादलित समुदाय के लोगों के विरोध के चलते अभियान को बीच में ही स्थगित कर प्रशासनिक टीम को वापस लौटना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिमराही निवासी मो. अख्तर की रैयती जमीन पर कुछ महादलित परिवारों द्वारा अवैध कब्जा कर घर बनाकर रहने का मामला लंबे समय से विवादित है। इसको लेकर मो. अख्तर ने वर्ष 2011 में वीरपुर न्यायालय में टाइटिल सूट दायर किया था। करीब सात वर्षों की सुनवाई के बाद वर्ष 2018 में न्यायालय ने उनके पक्ष में डिक्री पारित करते हुए अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था।
बताया जाता है कि इससे पूर्व 21 दिसंबर को भी न्यायालय के आदेश पर मजिस्ट्रेट सह बसंतपुर सीओ हेमंत अंकुर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम, स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाने पहुंची थी, लेकिन उस समय भी पूरी तरह जमीन खाली नहीं कराई जा सकी थी।
रविवार को एक बार फिर बीडीओ सत्येंद्र कुमार यादव के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। जैसे ही कुछ संरचनाओं को तोड़ा गया, अतिक्रमणकारियों ने विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद स्थिति को देखते हुए कार्रवाई को फिलहाल रोक दिया गया।
इस संबंध में भूमि स्वामी मो. अख्तर ने बताया कि उक्त जमीन उनके दादा के नाम से थी, जिसे वर्ष 2007 में उन्हें दान में दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने वर्ष 2007 से ही उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करना शुरू कर दिया था और बाद में वर्ष 2011 में घर बनाकर रहने लगे। उन्होंने कहा कि संबंधित लोगों को सरकार द्वारा इंदिरा आवास योजना के तहत घर भी मिल चुका है, इसके बावजूद वे उनकी जमीन पर कब्जा जमाए हुए हैं।
मो. अख्तर ने बताया कि न्यायालय से डिक्री मिलने के बाद उन्होंने दखल-देहानी का केस भी दायर किया है। इससे पहले 19 अक्टूबर और 21 दिसंबर को भी प्रशासन जमीन खाली कराने पहुंचा था, लेकिन कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। रविवार को एक बार फिर प्रयास किया गया, जो विरोध के कारण अधूरा रह गया।
फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बनी हुई है, लेकिन मामले को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन द्वारा आगे की कार्रवाई को लेकर रणनीति बनाई जा रही है।

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