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“ज्ञान भारतम् मिशन” को लेकर हुई समीक्षा, पाण्डुलिपियों के संरक्षण व डिजिटाइजेशन पर दिया गया जोर

 


सुपौल। बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा भारत सरकार की फ्लैगशीप पहल “ज्ञान भारतम् मिशन” के तहत पाण्डुलिपियों के संरक्षण, सर्वेक्षण एवं डिजिटाइजेशन को लेकर गुरुवार (09 अप्रैल 2026) को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

बैठक में सुपौल जिले से जिला शिक्षा पदाधिकारी, वरीय उप समाहर्ता, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान अधिकारियों को जानकारी दी गई कि भारत सरकार ने देश की समृद्ध ज्ञान परंपरा और बौद्धिक विरासत के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में “ज्ञान भारतम् मिशन” की शुरुआत की है। इस मिशन के तहत देशभर में उपलब्ध प्राचीन पाण्डुलिपियों का सर्वेक्षण, डिजिटलीकरण और संरक्षण किया जाएगा।

बैठक के उपरांत जिलाधिकारी सावन कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मिशन का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान की जानकारी मिले, ताकि जिले में उपलब्ध प्राचीन पाण्डुलिपियों की पहचान कर उनका संरक्षण प्रभावी तरीके से किया जा सके।

जिलाधिकारी ने यह भी जोर दिया कि यह मिशन न केवल ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने का माध्यम है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण कदम है।



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