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सीमावर्ती क्षेत्रों में ईंधन आपूर्ति पर प्रशासन की सख्ती, LPG की उपलब्धता में सुधार




सुपौल। अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल एवं रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सीमावर्ती देशों में ईंधन की कीमतों में अंतर और कमी की स्थिति को देखते हुए गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पंपों पर सघन निगरानी रखी जा रही है।

जिले की कुल 51 गैस एजेंसियों के पास वर्तमान में लगभग 11,494 LPG सिलेंडरों का भंडार उपलब्ध है, जबकि 8,174 अतिरिक्त सिलेंडर प्राप्त होने की संभावना है। 16 अप्रैल को करीब 2,921 उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति की गई, जबकि अब भी 24,568 उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार गैस उपलब्ध कराई जानी है।

प्रशासन के अनुसार 51 में से 44 गैस एजेंसियों पर फिलहाल LPG उपलब्ध है, जबकि शेष 7 एजेंसियों पर जल्द आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। आज 23 गैस एजेंसियों की जांच की गई, वहीं 28 होटलों एवं अन्य प्रतिष्ठानों पर घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग को लेकर छापेमारी भी की गई।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि LPG की उपलब्धता में लगातार सुधार हो रहा है। अस्पतालों और सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर वाणिज्यिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही विवाह जैसे आयोजनों के लिए भी जरूरत के अनुसार वाणिज्यिक गैस उपलब्ध कराई जा रही है।

पेट्रोल पंपों की भी औचक जांच जारी है, जिसमें अब तक 6 पंपों का निरीक्षण किया जा चुका है। तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।

समाहरणालय स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में LPG गैस की निगरानी के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नियंत्रण कक्ष में 17 अप्रैल को 3 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका त्वरित निष्पादन कर दिया गया।

घरेलू गैस के दुरुपयोग और कालाबाजारी के मामलों में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें, जिले में आवश्यक वस्तुओं, LPG गैस और पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है।

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