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सीमावर्ती क्षेत्रों में सख्ती, सुपौल जिला प्रशासन सतर्क, LPG व ईंधन आपूर्ति में हो रहा सुधार



सुपौल। जिले के अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों में गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पम्पों पर जिला प्रशासन द्वारा सघन निगरानी रखी जा रही है। सीमावर्ती देश से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में असमानता और स्थानीय स्तर पर ईंधन की उपलब्धता को लेकर पड़ने वाले प्रभाव के मद्देनज़र प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।

प्रशासन द्वारा आम उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 5 किलो के गैस सिलेंडर छात्रों, युवा पेशेवरों और प्रवासी श्रमिकों को बिना पते के प्रमाण के आसानी से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए वाणिज्यिक LPG गैस की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है। इसके लिए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी के समक्ष आवेदन कर पंजीकृत रसोइयों के माध्यम से गैस प्राप्त की जा सकती है।

जिले में कुल 51 गैस एजेंसियों के पास लगभग 12,449 LPG सिलेंडरों का भंडार उपलब्ध है, जबकि 864 अतिरिक्त सिलेंडरों की आपूर्ति होने की संभावना है। 19 अप्रैल को 6,525 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए गए, जबकि अभी 22,241 उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार गैस आपूर्ति किया जाना शेष है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 6,016 उपभोक्ताओं के बीच घरेलू LPG का वितरण किया जा रहा है।

जिले की 51 में से 47 गैस एजेंसियों पर फिलहाल LPG उपलब्ध है, जबकि शेष चार एजेंसियों—आस्था इंडेन, मुरली इंडेन, संजय इंडेन एवं मुस्कान एचपी ग्रामीण वितरक—पर जल्द ही आपूर्ति बहाल होने की संभावना है।

प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बरतते हुए 51 में से 19 गैस एजेंसियों की जांच की गई है, जबकि 24 होटलों एवं प्रतिष्ठानों पर LPG के उपयोग को लेकर छापेमारी की गई। घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग और कालाबाजारी के आरोप में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं।

पेट्रोल पंपों का भी औचक निरीक्षण जारी है, अब तक 5 पंपों की जांच की गई है। तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।

समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में LPG वितरण की निगरानी के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष संख्या 06473-224005 है। 20 अप्रैल को यहां 3 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका त्वरित निष्पादन कर दिया गया।

उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभिन्न हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, जिनमें 1906 (कॉमन इमरजेंसी), IOCL-1800-2333-555, BPCL-1800-224344 एवं HPCL-1800-2333-555 शामिल हैं।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में आवश्यक वस्तुओं, LPG गैस एवं पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। प्रशासन कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने तथा आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पूरी तरह सक्रिय है।

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