सुपौल। जिला प्रशासन द्वारा आम जनमानस की सुविधा को ध्यान में रखते हुए LPG गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विभागीय निर्देशों के आलोक में अब वैवाहिक कार्यक्रमों के साथ-साथ श्राद्ध (मृत्युभोज), मुंडन, उपनयन एवं अन्य धार्मिक-सामाजिक आयोजनों के लिए भी वाणिज्यिक LPG गैस सिलेंडरों की आपूर्ति शुरू कर दी गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे आयोजनों के लिए संबंधित रसोइयों/कैटरर्स को तेल कंपनियों के पास पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा, जिसे 5 से 7 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा। आयोजन करने वाले व्यक्तियों को अपने अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देकर आवश्यक गैस सिलेंडरों की संख्या एवं अनुमानित लोगों की जानकारी देनी होगी। इसके आधार पर प्रशासन द्वारा गैस उपलब्ध कराई जाएगी।
सीमावर्ती क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अंतर और संभावित कमी को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। गैस एजेंसियों एवं पेट्रोल पंपों पर सघन निगरानी रखी जा रही है। साथ ही छात्रों, युवा पेशेवरों और प्रवासी श्रमिकों को बिना पते के प्रमाण के 5 किलो का सिलेंडर भी आसानी से उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिले की 51 गैस एजेंसियों के पास वर्तमान में लगभग 14,473 LPG सिलेंडरों का भंडार मौजूद है। 20 अप्रैल को 4,137 उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति की गई, जबकि अभी 22,637 उपभोक्ताओं की बुकिंग लंबित है। प्रतिदिन औसतन 5,972 उपभोक्ताओं को घरेलू LPG सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। फिलहाल 46 एजेंसियों पर गैस उपलब्ध है, जबकि शेष 5 एजेंसियों पर जल्द आपूर्ति होने की संभावना है।
जिला प्रशासन द्वारा निगरानी अभियान के तहत अब तक 21 गैस एजेंसियों की जांच की गई है, जबकि 23 होटलों एवं प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर LPG के उपयोग की जांच की गई है। घरेलू गैस के वाणिज्यिक उपयोग एवं कालाबाजारी के मामलों में अब तक 3 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।
अस्पतालों और सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर वाणिज्यिक गैस उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण भी जारी है और तेल कंपनियों से समन्वय कर पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
जन शिकायतों के निवारण के लिए समाहरणालय स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है (फोन: 06473-224005)। 20 अप्रैल को यहां 2 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका समाधान कर दिया गया है।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं 1906 (कॉमन इमरजेंसी), 1800-2333-555 (IOCL/HPCL), 1800-22-4344 (BPCL)। जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि जिले में LPG गैस, पेट्रोल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है। कालाबाजारी एवं जमाखोरी से बचें और जरूरत के अनुसार ही संसाधनों का उपयोग करें।

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