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10 वर्षीय बेटे संग मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला, सात घंटे बाद सुरक्षित उतरी




सुपौल। राघोपुर थाना क्षेत्र के नगर पंचायत सिमराही में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब न्याय की मांग को लेकर एक 40 वर्षीय महिला अपने 10 वर्षीय बेटे के साथ वार्ड संख्या-4 स्थित ठाकुरबाड़ी के समीप मोबाइल टावर पर चढ़ गई। महिला ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उसकी बात नहीं सुनी गई तो वह बेटे के साथ आत्महत्या कर लेगी।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। राघोपुर थाना पुलिस तत्काल पहुंची और महिला को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह डीएम और एसपी को बुलाने की मांग पर अड़ी रही। पुलिसकर्मी भी टावर पर चढ़कर उसे नीचे उतारने की कोशिश करते रहे, लेकिन महिला अपनी मांगों से पीछे नहीं हटी।

महिला की पहचान मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज थाना क्षेत्र के उदा गांव निवासी स्व. विनोद दास की पुत्री गुड्डी देवी (40) के रूप में हुई। बताया जाता है कि वह मंगलवार सुबह करीब चार बजे अपने पुत्र शिव कुमार के साथ टावर पर चढ़ गई थी।

करीब सात घंटे तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद राघोपुर की अंचलाधिकारी रश्मि प्रिया मौके पर पहुंचीं। उन्होंने टावर पर मौजूद पुलिसकर्मी के मोबाइल फोन के माध्यम से महिला से बातचीत की और उसकी पूरी बात सुनने के बाद संबंधित थाना एवं प्रशासनिक स्तर पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद महिला नीचे उतरने को तैयार हुई। पहले उसके बेटे को सुरक्षित उतारा गया, फिर महिला स्वयं नीचे उतरी। दोनों के सुरक्षित उतरने के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।

गुड्डी देवी ने बताया कि बचपन में ही पिता का निधन हो गया था और कम उम्र में उनकी शादी मधेपुरा जिले के बिहारीगंज थाना क्षेत्र के रेजनी बभगामा निवासी मानकृष दास से हुई थी। पति से विवाद और कथित मारपीट के बाद वह करीब दस वर्ष पहले दोनों बच्चों के साथ दिल्ली चली गईं और बाद में हरियाणा के गुरुग्राम स्थित बादशाहपुर में मजदूरी कर जीवन-यापन करने लगीं।

महिला का आरोप है कि गुरुग्राम में करजाइन थाना क्षेत्र के मोतीपुर पंचायत निवासी लक्ष्मण ठाकुर के पुत्र अमरेंद्र कुमार से उनकी पहचान हुई और दोनों कई वर्षों तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे। उनके अनुसार, मार्च 2026 में अमरेंद्र गांव लौटकर दूसरी युवती से शादी कर ली। सोशल मीडिया पर शादी की तस्वीरें देखने के बाद उन्हें अपने साथ धोखा होने का एहसास हुआ।

महिला ने बताया कि अप्रैल में वह अमरेंद्र के गांव पहुंची, लेकिन परिजनों ने उसे भगा दिया। इसके बाद उसने करजाइन थाना में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की, पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कई महीनों तक न्याय नहीं मिलने से निराश होकर उसने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ने का कदम उठाया।

राघोपुर थानाध्यक्ष अमित कुमार राय ने बताया कि महिला का विवाद करजाइन थाना क्षेत्र से संबंधित है। आवश्यक कार्रवाई के लिए उसे करजाइन थाना भेजा जा रहा है। करजाइन थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी पहले भी मिली थी। उस समय स्थानीय स्तर पर समझौते की बात सामने आई थी। अब मामले की दोबारा जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं अंचलाधिकारी रश्मि प्रिया ने कहा कि महिला काफी आक्रोशित थी और किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी। बातचीत कर उसे न्याय दिलाने का भरोसा दिया गया, जिसके बाद वह सुरक्षित नीचे उतर गई। फिलहाल महिला और उसके 10 वर्षीय पुत्र को प्रशासनिक संरक्षण में रखा गया है तथा मामले की जांच जारी है।

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