सुपौल। संभावित बाढ़-2026 के मद्देनज़र अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) मो. तारिक ने बुधवार को सुपौल अंचल का निरीक्षण कर बाढ़ पूर्व तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान राहत एवं बचाव संबंधी व्यवस्थाओं, आपदा प्रबंधन गतिविधियों तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता का जायजा लिया गया।
समीक्षा के दौरान अपर समाहर्ता ने अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि आपदा सम्पूर्ति पोर्टल पर नए लाभुकों की प्रविष्टि का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा सभी लंबित प्रविष्टियों को दो दिनों के भीतर पूर्ण किया जाए।
उन्होंने नावों के निबंधन एवं सत्यापन कार्य में तेजी लाने का भी निर्देश दिया। सभी राजस्व कर्मचारियों से कहा गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के नाव मालिकों को शीघ्र नाव निबंधन कराने के लिए सूचित करें, ताकि बाढ़ के समय राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
निरीक्षण के दौरान आवश्यक अभिलेखों के अद्यतन संधारण, बाढ़ के दौरान उपयोग में आने वाले संसाधनों की उपलब्धता तथा उनकी तैयारी की भी समीक्षा की गई। अपर समाहर्ता ने निर्देश दिया कि सामुदायिक रसोई केंद्रों के संचालन से संबंधित सभी तैयारियां विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप समय रहते पूरी कर ली जाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल एवं सुचारु रूप से संचालित किया जा सके।
मो. तारिक ने कहा कि बाढ़ से संबंधित सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी की जाएं तथा संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जाए, जिससे आम लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी चंद्रभूषण कुमार, अंचल अधिकारी आनंद कुमार मंडल, सभी राजस्व कर्मचारी, जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के प्रोग्रामर शैलेन्द्र कुमार तथा आपदा प्रबंधन कार्यों में लगे अंचल के अन्य कर्मी उपस्थित थे।

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