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प्रेशर हॉर्न एवं मल्टी-टोन हॉर्न के विरुद्ध विशेष जांच एवं प्रवर्तन अभियान प्रारंभ




सुपौल। राज्य परिवहन आयुक्त बिहार पटना के निर्देश के आलोक में जिला परिवहन कार्यालय सुपौल द्वारा वाहनों में अवैध रूप से प्रयुक्त होने वाले प्रेशर हॉर्न, मल्टी-टोन हॉर्न तथा उच्च ध्वनि उत्पन्न करने वाले अन्य प्रतिबंधित हॉर्नों के विरुद्ध विशेष जांच एवं प्रवर्तन अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा विशेष धावा दलों का गठन किया गया है।गठित धावा दलों में मोटरयान निरीक्षक, प्रवर्तन अवर निरीक्षक, चलंत दस्ता सिपाही, गृह रक्षा वाहिनी (होमगार्ड) के जवानों सहित अन्य प्रवर्तन कर्मियों को प्रतिनियुक्त किया गया है। उक्त दल जिले के विभिन्न क्षेत्रों में वाहनों की जांच करने के साथ-साथ प्रेशर हॉर्न एवं मल्टी-टोन हॉर्न की बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण करेंगे तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी डॉ संजीव कुमार सज्जन ने कहा कि प्रेशर हॉर्न एवं मल्टी-टोन हॉर्न का प्रयोग न केवल मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह ध्वनि प्रदूषण का एक प्रमुख कारण भी है। ऐसे हॉर्नों से विद्यालयों, अस्पतालों, आवासीय क्षेत्रों, वृद्धजनों एवं रोगियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सड़क सुरक्षा एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से इन पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि आम नागरिकों एवं वाहन चालकों के बीच जागरूकता का प्रसार करना भी है। सभी वाहन स्वामियों एवं चालकों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने वाहनों में किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित हॉर्न का उपयोग न करें तथा यदि ऐसे उपकरण लगे हों तो उन्हें तत्काल हटवा लें।

जिला परिवहन कार्यालय, सुपौल द्वारा सभी वाहन स्वामियों, चालकों, विद्यालय बस संचालकों, परिवहन व्यवसायियों एवं वाहन पुर्जों के विक्रेताओं से अपील की जाती है कि वे प्रेशर हॉर्न एवं प्रतिबंधित मल्टी-टोन हॉर्न के उपयोग एवं बिक्री से परहेज करें। अभियान के दौरान उल्लंघन पाए जाने पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 190(2) के अंतर्गत जुर्माना सहित अन्य विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

साथ ही आम नागरिकों से भी अनुरोध किया जाता है कि वे ध्वनि प्रदूषण मुक्त एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था के निर्माण में प्रशासन का सहयोग करें तथा ऐसे वाहनों अथवा प्रतिष्ठानों की सूचना संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराएं, जहां प्रतिबंधित हॉर्नों का उपयोग अथवा विक्रय किया जा रहा हो। सुरक्षित यातायात, स्वच्छ पर्यावरण एवं शांतिपूर्ण सामाजिक वातावरण के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। 

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