सुपौल। उप विकास आयुक्त सारा अशरफ की अध्यक्षता में गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मनरेगा योजना की प्रगति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला स्तर एवं प्रखंड स्तर के संबंधित पदाधिकारी शामिल हुए तथा विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में निदेशक एनईपी सह डीआरडीए, सुपौल अनित कुमार, डीपीओ मनरेगा कृष्णकांत सिंह, कार्यपालक अभियंता मनरेगा सहित सभी प्रखंडों के कार्यक्रम पदाधिकारी, कनीय अभियंता एवं पंचायत तकनीकी सहायक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
समीक्षा के दौरान उप विकास आयुक्त ने मनरेगा के तहत मानव दिवस सृजन की उपलब्धि का आकलन किया। जिन प्रखंडों की उपलब्धि अपेक्षाकृत कम पाई गई, उनके कार्यक्रम पदाधिकारियों को मानव दिवस सृजन में तेजी लाने तथा लक्ष्य के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में मनरेगा के अंतर्गत श्रमिकों की दैनिक भागीदारी (लेबर इंगेजमेंट) बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को श्रमिकों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) से संबंधित मनरेगा योजनाओं की समीक्षा करते हुए उप विकास आयुक्त ने लंबित कार्यों में प्रगति लाने और सभी योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराने का निर्देश दिया।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं मनरेगा अभिसरण की समीक्षा के दौरान सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को स्वीकृत लाभुकों के लिए शीघ्र ई-मस्टर रोल निर्गत करने का निर्देश दिया गया, ताकि आवास निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके।
बैठक में जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत जलदूत मोबाइल ऐप के माध्यम से डाटा संग्रहण कार्य की भी समीक्षा की गई। उप विकास आयुक्त ने सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को पंचायत रोजगार सेवकों के माध्यम से एक सप्ताह के भीतर डाटा संग्रहण कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि मनरेगा एवं इससे संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी अधिकारी समन्वय के साथ कार्य करें तथा निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करें।

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