सुपौल। सरायगढ़-भपटियाही प्रखंड क्षेत्र के सरायगढ़ पंचायत भवन एवं लौकहा पंचायत के बैसा गांव स्थित पैक्स गोदाम परिसर में गुरुवार को शारदीय खरीफ महाअभियान 2026 के तहत कृषि जन कल्याण चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को मिट्टी संरक्षण, प्राकृतिक खेती तथा रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।
सरायगढ़ पंचायत भवन में आयोजित चौपाल में कृषि समन्वयक अनुज कुमार, एटीएम विद्या सुमन एवं किसान सलाहकार अरविंद कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि रासायनिक खादों के अत्यधिक प्रयोग से खेतों की उर्वरा शक्ति लगातार घट रही है, जिससे उत्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने किसानों से केमिकल खाद का सीमित उपयोग करने तथा वर्मी कंपोस्ट, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाने की अपील की।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि मूंग एवं ढैंचा जैसी फसलों को खेत में सड़ाने से प्राकृतिक रूप से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और अतिरिक्त खाद की आवश्यकता कम हो जाती है। इससे उत्पादन में भी वृद्धि होती है तथा भूमि की सेहत बेहतर बनी रहती है।
कार्यक्रम में पूर्व मुखिया जगदेव पंडित, किसान सलाहकार अरविंद कुमार, विजेंद्र गुप्ता, श्याम कुमार भारती, रामेश्वर मंडल, सीताराम मंडल, लक्ष्मण यादव, राजेश कुमार, मुंशी सरदार, विनोद राम, जीवछ राम, देवकांत राम सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
वहीं लौकहा पंचायत के बैसा गांव स्थित पैक्स गोदाम परिसर में आयोजित कृषि जन कल्याण चौपाल में कृषि कोऑर्डिनेटर विवेकानंद कुमार, एटीएम भगवत प्रसाद यादव एवं किसान सलाहकार चंदन सिंह ने किसानों को खेत बचाओ अभियान के तहत रासायनिक खाद के दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को वर्मी कंपोस्ट एवं जैविक खाद के उपयोग के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभागीय पहल की सराहना की। चौपाल में बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसानों ने भाग लेकर खेती से जुड़ी विभिन्न जानकारियां प्राप्त कीं।

कोई टिप्पणी नहीं