सुपौल। बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सुपौल जिला ने जून 2026 माह की राज्य स्तरीय रैंकिंग में प्रथम स्थान हासिल किया है। निर्धारित मानकों एवं कार्य निष्पादन के आधार पर जिले को 89.61 अंक प्राप्त हुए हैं।
अपर समाहर्त्ता (लोक शिकायत निवारण)-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलों की रैंकिंग विभिन्न मापदंडों एवं कार्य निष्पादन के आंकड़ों के आधार पर निर्धारित की जाती है। जून 2026 की रैंकिंग में सुपौल ने सभी प्रमुख मानकों पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया।
उन्होंने बताया कि जिले में 98.76 प्रतिशत परिवादों का नियत समय-सीमा के भीतर निष्पादन किया गया, जिसके लिए 9.88 अंक मिले। वहीं समीक्षा माह में 100 प्रतिशत मामलों का समय पर निवारण करने पर जिले को 30 अंक प्राप्त हुए। इसके अलावा लोक प्राधिकार की उपस्थिति के मामले में भी सुपौल को 100 प्रतिशत अंक हासिल हुए।
प्रथम अपील के समयबद्ध निष्पादन में जिले ने 98.95 अंक, जबकि द्वितीय अपील के समयबद्ध निष्पादन में 98.43 अंक प्राप्त किए। वहीं शास्ति अधिरोपण एवं अनुशासनिक कार्रवाई के लिए 10 अंक तथा जिला स्तरीय बैठक की कार्यवाही समय पर अपलोड करने के लिए 5 अंक मिले।
इन सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर सुपौल जिला ने राज्य स्तर पर पहला स्थान प्राप्त कर प्रशासनिक कार्यकुशलता और समयबद्ध शिकायत निवारण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

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